CG News: छत्तीसगढ़ में आज से राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 2026 की शुरुआत हो गई है, लेकिन इसे लेकर प्रदेश में जमकर सियासत हो रही है. एक ओर जहां सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष बताया था. वहीं मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया. अब इस पूरे विवाद पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने चुटकी ली है. उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल अपने ही घर में पराए हो गए हैं.
अपने ही घर में पराए हो गए हैं – अमरजीत भगत
राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी पर चल रहे विवाद को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा किॉ बृजमोहन जी के प्रति हमारी संवेदना है, पूरी सहानुभूति है, बहुत पुराने नेता है. वो जननेता हैं, उनके साथ सरकार नाइंसाफी कर रही हैं. वे अपने ही घर में वो पराए हो गए हैं. बृजमोहन जी को बहुत हिम्मत से आगे बढ़ना चाहिए. वो एक बेबाक नेता हैं. उनके साथ कौन ऐसा कर रहा? उसका नाम उजागर करना चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 13 दिसंबर 2025 को जब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के खेमे की ओर से एक आदेश जारी हुआ, जिसमें उन्हें स्काउट्स एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत बताया गया था. वहीं, प्रदेश में 9 से 13 जनवरी 2026 तक दुधली, जिला बालोद में राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का आयोजन होना प्रस्तावित था. हाल ही में बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि प्रशासनिक विवादों और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण इसे स्थगित किया जाता है.
इसके बाद भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की ओर से प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन 9 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक दुधली, जिला बालोद (छत्तीसगढ़) में किया जा रहा है. इस आयोजन को स्थगित करने की अफवाहें हैं.
वहीं, अब भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष को लेकर खीचंतान सामने आई. सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव दोनों अध्यक्ष होने का दावा कर रहे थे. सांसद बृजमोहन का दावा था कि 10 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के कारण आयोजन को रद्द कर दिया गया. यह आयोजन नवा रायपुर में होना था, लेकिन गलत तरीके से बालोद में व्यवस्था की गई.
हाई कोर्ट पहुंचा मामला
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की ओर से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि उनको इस पद से हटाने का प्रस्ताव और प्रक्रिया असंवैधानिक है. उन्हें बिना कोई सूचना दिए और न ही कोई सुनवाई किए ये कार्रवाई की गई है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई एकतरफा तरीके से की जा रही है. याचिका पर सुनवाई जल्द होने की बात कही जा रही है. याचिका में यह भी कहा गया है कि उन्होंने सांसद और परिषद के वैधानिक अध्यक्ष की हैसियत से 5 जनवरी को जंबूरी की बैठक भी ली थी, जिसमें जंबूरी स्थगन का निर्णय लिया गया था.
