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Ambikapur: सरकारी जमीन पर कई दशक पहले बने मकानों पर चला बुलडोजर, 6 मकान जमीदोज, लोग ने लगाए आरोप

Chhattisgarh

सरकारी जमीन पर कई दशक पहले बने मकानों पर चला बुलडोजर

Ambikapur: अंबिकापुर में न्यायालय परिसर भवन निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर बनाए गए मकान पर बुलडोजर चलाया. प्रशासन ने मकान पर बुलडोजर चलाने से पहले सभी अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस जारी किया था और मकान खाली करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद आज एसडीएम फागेश सिन्हा और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में नगर निगम के जेसीबी से यह कार्रवाई की गई.

सरकारी जमीन पर कई दशक पहले बने मकानों पर चला बुलडोजर

अंबिकापुर में जिला एवं सत्र न्यायालय का नया परिसर बनना है और इसके लिए लंबे समय से अधिवक्ताओं के द्वारा मांग की जारी थी कि जिस स्थान पर वर्तमान में न्यायालय संचालित है उसी परिसर में अवैध अतिक्रमण को हटाकर नए भवन का निर्माण किया जाए और इसी के तहत जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले जर्ज़र हो चुके कर्मचारियों के सरकारी मकान पर बुलडोजर चलाया था और उसके बाद अब जिन लोगों के द्वारा कोर्ट परिसर के लिए आवंटित जमीन पर मकान बनाया था उसमें बुलडोजर चलाया गया.

यहां पर लोग नजूल विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कर दुकान मकान और किराए के मकान संचालित कर रहे थे. प्रशासन के इस नोटिस और कार्यवाही की जानकारी पर कई अतिक्रमण करने वाले राजस्व मंडल भी पहुंचे थे, जहां राजस्व मंडल ने अतिक्रमण करने वालों के तर्क को खारिज कर दिया. इसके बाद आज प्रशासन ने दोपहर में यह कार्यवाही की है. माना जा रहा है कि इस अतिक्रमण को हटाने के बाद अब न्यायालय परिसर भवन का निर्माण शुरू होगा.

6 मकान जमीदोज, लोग ने लगाए आरोप

मौके पर मौजूद एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि 6 मकान पर बुलडोजर चलाया जा रहा है सभी अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किया गया था और जब उन्होंने खुद से अतिक्रमण नहीं हटाया तब यह कार्रवाई की जा रही है.

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वहीं दूसरी तरफ लोग सवाल उठा रहे हैं कि शहर में कई और भी इलाके में अवैध मकान सरकारी जमीन पर बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि 14000 से अधिक लोगों ने सरकारी जमीन पर इसी तरीके से कब्जा किया हुआ है, लेकिन प्रशासन के अधिकारी उस पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि प्रभावशील लोगों के द्वारा किए गए अतिक्रमण पर प्रशासनिक अधिकारी कार्यवाही करने से बच रहे हैं। दूसरी तरफ जब यह कार्रवाई की जा रही थी तो मकान में रहने वाले लोग बेघर होते हुए दिखाई दिए। महिलाएं रो रही थी तो बच्चे परेशान दिखाई दे रहे थे। लोगों ने अपने घरों में रखा हुआ जरूरी सामान बाहर निकाला और फिर उसे किराए के मकान में ले गए।

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