Ambikapur: अंबिकापुर नगर निगम में इन दिनों सभी वार्ड में सड़क का निर्माण तेजी से किया जा रहा है लेकिन सड़क निर्माण की क्वालिटी इतनी खराब है कि सड़क बनने के तीसरे चौथे दिन ही पूरी सड़क उखड़ जा रही है. हैरानी की बात तो यह है कि हाथ लगाने भर से करोड़ों की सड़क उखड़ जा रही है. जबकि दूसरी तरफ नगर निगम प्रशासन हमेशा दावा करता है कि गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा वहीं ठेकेदारों के द्वारा किए जा रहे हैं इस घटिया निर्माण से साफ जाहिर हो रहा है कि करोड़ों के सड़कों का निर्माण कार्य कमीशनखोरी और और भ्रष्टाचार का भेट चढ़ चुका है.
नगर निगम में 7.50 करोड़ से बना रहे घटिया सड़क
अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों 7.50 करोड़ रुपए के सड़कों का निर्माण कार्य अलग-अलग वार्ड में किया जा रहा है और इसकी मॉनिटरिंग कागजों में भी की जा रही है मॉनिटरिंग के लिए बाकायदा टीम गठित किया गया है. इतना ही नहीं वार्ड के पार्षदों को गुणवत्ता की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है. पार्षद और जनप्रतिनिधि हर रोज निर्माण कार्यों का जाए जा भी ले रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद सड़क बेहद घटिया बना रहे हैं अंबिकापुर के वार्ड क्रमांक 12 राजमोहिनी देवी वार्ड में सड़क तीसरे दिन ही उखड़ने लगी.
इंजीनियरों पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ठेकेदार और जनप्रतिनिधियों को कई बार सही तरीके से सड़क निर्माण के लिए कहा लेकिन उसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई और घटिया सड़क बन गया है लोगों का कहना है कि यह सड़क कुछ महीने भी नहीं टिक पाएगा.
घटिया सड़क को लेकर नगर निगम के इंजीनियरों पर भी सवाल उठ रहा है, इसके अलावा अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने भी कई बार ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि घटिया निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार खुले आम घटिया निर्माण कर रहे हैं. मतलब साफ है कि ठेकेदारों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है. यही वजह है कि सड़क का घटिया निर्माण खुलेआम हो रहा है जबकि सड़क निर्माण के लिए अंबिकापुर नगर निगम को पिछले कई सालों से बजट नहीं मिला था. बजट नहीं मिलने के कारण सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई थी, लोग परेशान हो रहे थे. बरसात के दिनों में लोग सड़क पर उतर आए थे लेकिन इसके बावजूद अब सड़क सही तरीके से बने इसे लेकर नगर निगम के जिम्मेदार गंभीर नहीं है.
सबसे बड़ी बात यह है कि ठेकेदार जहां से सड़कों को बनाने के लिए डामर और गिट्टी का मटेरियल ला रहे हैं उसकी क्वालिटी की भी जांच नहीं हो रही है. घटिया निर्माण को देखकर साफ जाहिर हो रहा है कि लागत राशि का 50 फ़ीसदी हिस्सा ही निर्माण में खर्च किया जा रहा है और बाकी हिस्सा ठेकेदार अपनी कमाई और कमीशन बांटने में खर्च कर रहे हैं जिसका खामियाजा आने वाले दिनों में एक बार फिर शहर की जनता को भुगतनी पड़ेगी.
महापौर बोले- कराई जाएगी जांच
इसे लेकर महापौर मंजूषा भगत से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसी बात नहीं है जहां भी घटिया सड़क बन रहा है उसकी जांच कराई जाएगी. दूसरी तरफ माता राजमोहिनी वार्ड के पार्षद मनोज गुप्ता का कहना था कि सड़क निर्माण जब शुरू हुआ था. तब मौके पर मैं भी था मेरे जाने के बाद ठेकेदार घटिया सड़क बनाया होगा. हालांकि वे यह भी कहने लगे कि आखिर हाथ से सड़क कैसे उखड़ेगा.
इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद का कहना है कि ठेकेदार घटिया सड़क बन रहा है ऐसी स्थिति में हमारी टीम जाएगी और इस पर विपक्ष आवाज उठाएगी और कार्रवाई की मांग करेंगे.
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नगर निगम में जहां इन दोनों घटिया सड़क का निर्माण हो रहा है वहीं दूसरी तरफ एक बार फिर दूसरी सड़कों के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर नया टेंडर जारी करने वाली है, लेकिन गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखे जाने के कारण ये सड़के बरसात तक ठीक पाएंगे यह भी सवाल खड़ा हो रहा है.
