Raipur News: भारतमाला परियोजना के मुआवजा घोटाला मामले में 3 लोकसेवकों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. ईओडब्ल्यू का आरोप है कि इस मामले में आरोपियों के कारण से शासन को 40 करोड़ का नुकसान हुआ. ईओडब्ल्यू ने विशेष न्यायालय रायपुर में चालान पेश किया, जिसमें आरोपियों पर फर्जी बंटवारा, गलत मुआवजा और कूटरचित दस्तावेज दिखाने के आरोप हैं. बता दें कि दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था.
क्या है पूरा मामला?
दिनेश पटेल (तत्कालीन पटवारी, हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी, ग्राम टोकरो, हल्का नं. 24) एवं बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी, ग्राम भेलवाडीह) द्वारा लोकसेवक पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर भूमाफियों और प्राइवेट व्यक्तियों से षड्यंत्र कर भारतमाला परियोजना में प्रभावित होने वाली भूमि के भूमि स्वामियों का बेकडेट में खाता विभाजन और नामांतरण का कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था.
दिनेश पटेल पर क्या हैं आरोप?
जांच में पाया गया कि आरोपी दिनेश पटेल ने खाता दुरुस्ती/प्रपत्र-10/आपत्ति निराकरण आदि के माध्यम से प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया. अवार्ड के समय अधिग्रहीत भूमि को कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित दर्शाकर अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई गई. फलस्वरूप शासन को 30,82,14,868 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ.
लेखराम देवांगन ने पद का दुरुपयोग किया
वहीं लेखराम देवांगन ने खाता दुरुस्ती/प्रपत्र-10/भुगतान प्रतिवेदन आदि के माध्यम से प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया. अवार्ड के समय “मूल खसरों” को कृत्रिम उपखण्डों में दर्शाकर वास्तविक देय राशि की तुलना में अत्यधिक मुआवजा भुगतान कराया गया. इससे शासन को 7,16,26,925 रुपये का नुकसान हुआ.
बसंती घृतलहरे पर गंभीर आरोप
साथ ही बसंती घृतलहरे ने मूल खसरों को अवार्ड चरण में कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित दर्शाकर अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई. इस वजह से शासन को 1,67,47,464 रुपये का नुकसान हुआ.
रायपुर में प्रथम पूरक चालान प्रस्तुत किया जा रहा
उक्त प्रकरण में गिरफ्तार तीन लोकसेवकों के विरुद्ध आज यानी 24 जनवरी 2026 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर में प्रथम पूरक चालान प्रस्तुत किया जा रहा है. इस मामले में अन्य आरोपियों के विरुद्ध विवेचना जारी है.
