CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल आज शनिवार, 3 जनवरी को जेल से बाहर आएंगे. चैतन्य बघेल को बिलासपुर हाईकोर्ट ने जमानत दी है. बघेल को ED और ACB ने 18 जुलाई 2025 को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे अब तक जेल में ही बंद हैं.
बता दें, ED और ACB की टीम ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के मामले में उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई से गिरफ्तार किया था. शराब घोटाले की जांच ईडी ने IPC की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी पाई गई. जांच में पाया गया कि करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई.
कब का है मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में जब 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस की सरकार थी. इस दौरान करीब 3200 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ. EOW ने यह जानकारी अपने चार्जशीट में दी है. जिसमें बताया कि घोटाले के पैसे से 11 आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों की जमीन और दौलत भी खरीदी है. EOW के अनुसार पूरे शराब घोटाले में करीब 61 लाख अवैध पेटी शराब बिकवाकर 2174 करोड़ रुपए की चपत लगाई थी. जब इस को लेकर अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई तो पता चला कि यह घोटाला सिर्फ 2174 करोड़ का नहीं बल्कि 3200 करोड़ से अधिक का है.
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इन पर भी हुआ था एक्शन?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पहले ही प्रदेश के पूर्व आबकारी मंत्री और वर्तमान में कोंटा के विधायक कवासी लखमा गिरफ्तार हो चुके हैं. वहीं, रायपुर के पूर्व मेयर ऐजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टूटेजा और आबकारी विभाग के पूर्व MD एपी त्रिपाठी के खिलाफ भी एक्शन लिया चुका था. जांट में शराब घोटाले में जुड़े रकम को चैतन्य बघेल और उनके करीबियों की संपत्ति में इंवेस्ट करने की बात भी सामने आई थी.
