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युवा दिवस पर बना वर्ल्ड रिकॉर्ड: डिप्टी CM अरुण साव ने 1500 बाल स्वामी विवेकानंद बच्चों को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ

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बिलासपुर ने रचा इतिहास

Bilaspur News: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर ने इतिहास रच दिया है. राष्ट्रीय युवा महोत्सव के मौके पर यहां 1500 बच्चों ने स्वामी विवेकानंद जी की वेशभूषा में एक साथ वंदे मातरम का गायन किया. इसके अलावा प्रदेश के डिप्टी CM अरुण साव ने एक साथ 1500 बच्चों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई, जो ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में शामिल हुआ. इस तरह आज के दिन बिलासपुर ने एक नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.

बिलासपुर ने रचा इतिहास

उप मुख्यमंत्री सह खेल मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में आज स्वामी विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा महोत्सव पर बिलासपुर शहर ने इतिहास रचा है. खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पुलिस ग्राउंड में आयोजित स्वामी विवेकानंद चेतना महोत्सव में 1500 बच्चों ने स्वामी विवेकानंद जी की वेशभूषा में सामूहिक रूप से पूर्ण वंदेमातरम का गायन किया. इस अवसर पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने 1500 बच्चों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई. साथ ही दूसरों को भी नशा के खिलाफ जागरूक करने का संकल्प लिया. डिप्टी CM अरुण साव ने इस विश्व रिकॉर्ड के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्राप्त किया.

विश्व की दूसरी सबसे बड़ी रंगोली

इसके अलावा बिलासपुर ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की. शहर के पुलिस ग्राउंड में 5625 फीट में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी स्वामी विवेकानन्द जी की रंगोली बनाई गई, जिसे देखने बड़ी संख्या में बिलासपुरियन पहुंचे.

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‘…वही दुनिया में महान होगा’

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वामी विवेकानंद उद्यान स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए कहा- ‘बिलासपुर में आज 1500 बच्चों ने स्वामी विवेकानंद जी की वेशभूषा में नशा मुक्ति की शपथ लेकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. स्वामी विवेकानंद जी ने दुनिया को भारत के आध्यात्म का परिचय कराया है. जो मनुष्य स्वयं पर नियंत्रण कर लेता है वही दुनिया में महान होगा. मनुष्य वही है, जो स्वयं पर शासन कर सकता है. जिसमें आत्म संयम हो, आत्मनियंत्रण हो, आत्म अनुशासन हो, वही महान बनता है.’

उन्होंने आगे कहा कि, सभी मिलकर एक बार फिर भारत की संस्कृति और अध्यात्म को दुनिया में फिर से पुनर्स्थापित करेंगे. यह जयंती संकल्प लेने का पावन अवसर है. सभी लोग भारत के अध्यात्म को दुनिया में फिर से स्थापित करेंगे. इस दौरान 1500 बाल विवेकानंद सहित हजारों की संख्या में लोगों ने बिलासपुर शहर की सड़कों पर शोभा यात्रा निकालकर एक नेक संदेश देने का प्रयास किया है.

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