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Chhattisgarh: सूरजपुर और रायपुर में सबसे ज्यादा घूसखोर अधिकारी-कर्मचारी, हर महीने 6 गिरफ्तार, ACB की रिपोर्ट में खुलासा

ACB

फाइल इमेज

Chhattisgarh News: एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों के दौरान रिश्वतखोरी के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है. साल 2024 और 2025 में कुल 69 ट्रैप मामलों में 90 शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. औसतन हर महीने छह रिश्वतखोरों की गिरफ्तारी हुई, जिससे साफ है कि भ्रष्टाचार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. इन मामलों में सबसे ज्यादा नाम पटवारियों के सामने आए हैं.

ACB की सख्त कार्रवाई

रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारियों में सबसे ज्यादा पटवारियों के खिलाफ केस सामने आए हैं. कुल 25 पटवारी ACB की कार्रवाई में पकड़े गए. लगभग सभी मामलों में चालान अदालत में पेश किए जा चुके हैं और संबंधित प्रकरणों की सुनवाई जारी है. फैक्ट फाइल के अनुसार साल 2024 में एसीबी ने 53 सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया. इस दौरान 20 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 10 पटवारियों की गिरफ्तारी हुई.

सूरजपुर-रायपुर टॉप पर

वहीं, साल 2025 में 37 अधिकारी-कर्मचारी ट्रैप किए गए और 40 स्थानों पर तलाशी और छापे मारे गए. इस साल 15 पटवारियों को गिरफ्तार किया गया. जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सूरजपुर जिला सबसे आगे रहा, जहां कुल 11 अधिकारी-कर्मचारी पकड़े गए. इनमें जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता, एसडीओ, उपनिरीक्षक, सहकारी निरीक्षक और दो पटवारी शामिल थे.

रायपुर जिले में दो वर्षों के दौरान 10 अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार हुए, जिनमें संयुक्त संचालक मत्स्य पालन, महिला थाना निरीक्षक, सहायक अधीक्षक, सचिव, सरपंच और दो पटवारी शामिल रहे.

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अन्य जिलों में भी ACB की कार्रवाई तेज रही. सरगुजा जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता और दो पटवारियों सहित कुल आठ गिरफ्तारियां हुईं. मुंगेली जिले में छह ट्रैप मामलों में नौ आरोपियों को पकड़ा गया. रायगढ़ जिले में एनटीपीसी के महाप्रबंधक सहित नापतौल और आबकारी विभाग के पांच कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. बलरामपुर जिले में पांच पटवारियों को एसीबी ने अपनी कार्रवाई में पकड़ा. आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक छापेमारी और गिरफ्तारी सूरजपुर में 10 केस, रायगढ़ में नौ केस, मुंगेली में छह केस और रायपुर में पांच केस दर्ज किए गए. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि रिश्वतखोरी पर शिकंजा कस रहा है और शासकीय कामकाज में पारदर्शिता लाने की दिशा में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.

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