CG News: ग्वालियर से चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में स्थापना के लिए आ रही भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची वनवासी प्रतिमा रायपुर पहुंच गई है. ये प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा की स्थापना कांग्रेस शासनकाल में कौशल्या धाम परिसर में वर्ष 2021 में 51 फीट ऊंची श्रीराम की प्रतिमा के जगह पर की जाएगी.
भगवान श्रीराम की प्रतिमा क्या है खासियत?
- यह प्रतिमा भगवान श्री राम की वनवासी रूप में है.
- इस भव्य प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 51 फिट है.
- पूरी प्रतिमा ग्वालियर के मिंट स्टोन से बनाई गई है, जो विश्व विख्यात है.
- प्रतिमा में उकेरे गए 108 रुद्राक्ष की मालाओं से सुसज्जित किया गया है.
- इस मूर्ति को तैयार करने के लिए लगभग 70 टन पत्थर का उपयोग किया गया है.
- इसे तीन भाग में तैयार किया गया है, जिसे स्थापना स्थल पर जोड़ा जाएगा.
- मूर्ति का वजन लगभग 35 टन है. प्रतिमा को 25 कारीगरों ने 7 महीने में तैयार किया.
25 कलाकारों ने 7 महीने में बनाई मूर्ति
भगवान रामजी की इस प्रतिमा को ग्वालियर के विश्व प्रसिद्ध टिडमिंट पत्थर से तैयार की गई है. 51 फीट की रामजी की ये मूर्ति रायपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर चंदखुरी में लगाई जाएगी. चंदखुरी वह ऐतिहासिक स्थल है, जिसे माता कौशल्या की जन्मस्थली माना जाता है और यह राम वनगमन पथ की महत्वपूर्ण कड़ी है.
मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने और उनकी टीम के करीब 25 कलाकारों ने 7 महीने तक दिन रात मेहनत की है. इस पूरी प्रतिमा को ग्वालियर मिंट स्टोन से तैयार किया गया है. अलग-अलग पत्थरों को जोड़कर इसे एक स्वरूप दिया गया है. इस प्रतिमा को बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दीपक को डिजाइन उपलब्ध कराया गया था. उसी डिजाइन को दीपक ने पत्थर में हूबहू उकेरा है.
