Police Commissioner System: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो गया है. वहीं संजीव शुक्ला रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं. इसके तहत बिलासपुर रेंज के आईजी डॉ. संजीव शुक्ला IPS को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है.
कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के साथ ही पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रेट स्तर के कई अहम अधिकार सौंपे गए हैं. वहीं, शहर और ग्रामीण इलाकों के सभी प्रमुख थानों को इस नई प्रणाली के दायरे में लाया गया है.
पुलिस कमिश्नर सिस्टम में तीन हिस्से में बंटी राजधानी
पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने से राजधानी रायपुर तीन हिस्सों में बंट गया है. जिसमें रायपुर पश्चिम, रायपुर मध्य और रायपुर उत्तर शामिल हैं. अधिसूचना के मुताबिक रायपुर नगर निगम क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या करीब 19 लाख है. यहां बढ़ती आबादी, अपराध, ट्रैफिक दबाव और शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. कमिश्नर सिस्टम के लिए रायपुर पुलिस को दो जिलों में बांटा गया है. इनमें रायपुर नगरीय (शहर) और रायपुर ग्रामीण हैं. रायपुर शहर अंतर्गत 21 जिले रहेंगे, जबकि ग्रामीण में 12 जिला रहेंगे.
पुलिस कमिश्नर सिस्टम क्या है?
- पुलिस कमिश्नर को जिला मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिलती हैं
- पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था का प्रमुख होता है.
- कलेक्टर-एसपी के लिए दोहरी व्यवस्था खत्म होगी.
- लॉ एंड ऑर्डर के लिए दोहरी व्यवस्था खत्म होगी.
- पुलिस कमिश्नर के पास लाइसेंस जारी करने का हक होगा.
- IPS अधिकारी ही पुलिस कमिश्नर बनते हैं.
रायपुर कमिश्नरेट के 21 शहरी थानें शामिल
कमिश्नरेट व्यवस्था में रायपुर शहर के जिन थानों को शामिल किया गया है. उनमें सिविल लाइन, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, मुजगहन, टिकरापारा, उरला (नगर पालिक निगम बीरगांव के अंतर्गत क्षेत्र), खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह.
रायपुर कमिश्नरेट के 12 थानें शामिल
ग्रामीण क्षेत्रों के जिन थानों को रायपुर कमिश्नरेट में शामिल किया गया है, उनमें विधानसभा, धरसींवा, खरोरा, तिल्दा नेवरा, माना, मंदिर हसौद, आरंग, नवा रायपुर, राखी, अभनपुर, गोबरा नवापारा और उरला (नगर पालिक निगम बीरगांव के बाहर का क्षेत्र) शामिल हैं.
