CG News: आज से नवा रायपुर के अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय ‘रायपुर साहित्य उत्सव’(Raipur Literature Festival) आदि से अनादि तक की शुरुआत हो गई है. राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने इसका शुभारंभ किया. वहीं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता CM विष्णु देव साय ने की.
रायपुर साहित्य उत्सव में जुटेंगे दिग्गज साहित्यकार
इस साहित्य उत्सव में देश और प्रदेश के लगभग 120 ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, विचारक, कलाकार और बुद्धिजीवी भाग लेंगे. तीन दिनों के दौरान कुल 42 साहित्यिक एवं बौद्धिक सत्र आयोजित किए जाएंगे.
उत्सव के दौरान बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव-जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के परिप्रेक्ष्य में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य की स्थिति, नाट्यशास्त्र व कला परंपरा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता, शासन व्यवस्था, प्रकाशन की चुनौतियां और डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी.
जानें क्या कुछ रहेगा खास?
उत्सव के दौरान चर्चित रंगमंच कलाकार मनोज जोशी द्वारा प्रस्तुत ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन 23 जनवरी को शाम 7 बजे से किया जाएगा. इसके अलावा महाभारत में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग बसु भी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे. 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य पाठ का आयोजन होगा.
- साहित्यकारों के विचार-विमर्श एवं परिचर्चाओं के लिए चार मंच बनाए गए हैं
- मुख्य मंडप: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर
- द्वितीय मंडप: पं. श्यामलाल चतुर्वेदी
- तृतीय मण्डप: बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी
- चतुर्थ मंडप: साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव
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पुस्तक मेला और प्रदर्शनियां
आयोजन स्थल पर एक विशाल पुस्तक मेला भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, वाणी प्रकाशन, हिंद युग्म, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों और स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों का प्रदर्शन एवं नई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा. साथ ही, छत्तीसगढ़ में पिछले 25 वर्षों में हुए विकास को दर्शाने वाली एक आकर्षक प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए लगाई जाएगी.
