CG News: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की गुटबाजी हर दूसरे-चौथे दिन देखने को मिल रही है, या तो नेता कुछ ऐसा बयान दे देते हैं, जो सुर्खियों में आ जाता है या फिर कार्यकर्ता कुछ ऐसा कर जाते हैं कि गुटबाजी खुलकर दिखाई देने लगती है. पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अंबिकापुर पहुंचे और तब यह बात सामने आई कि पूर्व मुख्यमंत्री से टी एस बाबा के करीबी लोग उनसे मुलाकात करने या फिर उनके स्वागत में नहीं पहुंचे. अब अंबिकापुर से भूपेश बघेल को वापस गए एक सप्ताह होने वाला है, लेकिन यहां उसका असर कम नहीं हुआ है. टीएस बाबा समर्थित कार्यकर्ताओं ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है. जिसका नाम है, सरगुजा महाराज की कांग्रेस और इस ग्रुप में कांग्रेस के कई नेता व कार्यकर्ता हैं, खुद सिंहदेव भी इस ग्रुप में है लेकिन दो दिन पहले रात में उन कार्यकर्ताओं को इस ग्रुप से अलग कर दिया गया, जो भूपेश बघेल के स्वागत के लिए या फिर उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे.
व्हाट्सएप ग्रुप में आपस में भिड़े सिंहदेव और बघेल के समर्थक
इस व्हाट्सएप ग्रुप से दर्जन भर कार्यकर्ताओं और नेताओं को अलग किया गया इसके बाद अब इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहे हैं कि यह व्हाट्सएप ग्रुप तब बनाई गई थी ज़ब कांग्रेस सरकार में थी। वही सोशल मीडिया में भी इसकी अब तेजी से चर्चा हो रही है.
इस व्हाट्सएप ग्रुप से छत्तीसगढ़ कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष इरफ़ान सिद्दीकी को भी रिमूव किया गया है जब हमने उनसे टेलीफोन पर बातचीत की तो उनका कहना था कि इसे लेकर TS सिंह देव से उनकी फोन पर बातचीत हुई है. जब उन्होंने TS सिंहदेव को इसके बारे में बताया तब उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की, हालांकि उन्होंने कहा कि वह 5 जनवरी को अंबिकापुर आ रहे हैं और उसके बाद मिल बैठकर बात करेंगे. इरफान सिद्दीकी का कहना है कि गलतफहमी में ग्रुप से सदस्यों को हटाया गया है. सब कांग्रेस के लोग एक हैं. भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे, उन्होंने अभी कहा कि भाजपा के लोगों की साजिश भी इसमें समझ आ रही है कि कांग्रेस के अंदर खाने की बात बाहर जा रही है.
मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया का कहना है कि अजीत जोगी जब मुख्यमंत्री थे तब भी कांग्रेस में यही सब कुछ चल रहा था, इसके बाद जब भूपेश बघेल सरकार में आए तब भी कांग्रेस की लड़ाई खुलकर दिखी. क्योंकि कांग्रेस अब लगातार टूटती जा रही है. कांग्रेस में दोस्ती अस्थाई और लड़ाई झगड़ा स्थाई है. कांग्रेस में साजिश और लड़ाई हमेशा चलता रहता है. यह उनके पार्टी का इंटरनल मामला है उनके कार्यकर्ताओं के बीच का मामला है. वहीं एक दौर में TS सिंहदेव के बेहद करीब रहने वाले और पैडमैन के नाम से जाने जाने वाले अंचल ओझा ने सोशल मीडिया में उसे लेकर लम्बा चौड़ा लिखा है, अंचल ओझा ने क्या लिखा है, पढ़िए….
सरगुजा कांग्रेस में बवंडर….
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरगुजा दौरे के बाद सरगुजा कांग्रेस में बवंडर आ गया है। भूपेश बघेल के कार्यक्रम में जाने वाले कई लोगों की सुविधानुसार एक ग्रुप से छटनी की गई है। अब अगर कुछ स्क्रीन शॉट पर विश्वास करें तो कांग्रेस की सर्वोच्च पावर अर्थात दिल्ली स्थित पार्टी हाईकमान के फैसले पर भी इस छटनी ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया है? स्क्रीनशॉट पर जिस एक नाम की ज्यादा चर्चा है, जिसे एक ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखाया गया वह कोई और नहीं बल्कि सरगुजा लोकसभा से काँग्रेस की 2024 लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहीं, वर्तमान में सूरजपुर कांग्रेस की नवनियुक्त जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी एनएसयूआई अथवा यूथ कांग्रेस की महासचिव या प्रभारी हैं, साथ ही दिल्ली के कई नेताओं की नजदीकी भी मानी जाती हैं साथ ही राहुल गांधी टीम की शशि सिंह को भी इस ग्रुप से बाहर कर दिया गया है
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पार्टी आलाकमान का फैसला भी सरगुजा कांग्रेस को मंजूर नहीं अथवा आधी रात सरगुजा कांग्रेस, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों ने पी खाकर नशे की हालात में ऐसी हरकत कर दी है, क्यों कि अधिकतर लोगों को ग्रुप से रिमूव रात में ही किया गया है. इस मामले ने बैठे-बिठाये सरगुजा और प्रदेश के बड़े नेता टीएस सिंह देव को एक बार फिर से पेशोपेश में डाल दिया है. और मीडिया को ऐसे समय में एक खबर परोस दी है जब सिंहदेव को तमिलनाडू और पांडुचेरी के विधानसभा चुनाव हेतु बनाये गए कमेटी का चेयरपर्सन पार्टी आलाकमान ने बनाया है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या शशि सिंह का लोकसभा प्रत्याशी बनाया जाना, सूरजपुर जिले का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाना पार्टी आलाकमान की भूल है अथवा वह सिहंदेव, बघेल व राहुल गांधी शशि सिंह किस गुट से ताल्लूक रखती हैं आखिर किसी ग्रुप से बाहर का रास्ता क्यों दिखाया गया?
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आखिरकार वास्तविक सच्चाई क्या है क्यों सरगुजा कांग्रेस के लोग जानबूझकर ऐसी हरकतें करते रहते हैं जिसकी सफाई टीएस बाबा को सार्वजनिक रूप में सफाई देनी पड़ती है. अभी हाल ही में हुए एक घटनाक्रम को लेकर उन्होंने 1 जनवरी को अपने फेसबुक पेज के माध्यम से उन्होंने क्षमा मांग कर एक मामले का पटाक्षेप किया है और अब पुनः एक नया मामला फिर में मुंह उठाये खड़ा है. इस ग्रुप में सरगुजा कांग्रेस से जुड़े तमाम बड़े नेता एडमिन की भूमिका में हैं और लगभग 72 घण्टे बाद भी इस पर किसी प्रतिक्रिया का न होना क्या कहा जाये कि गुटबाजी सबको पसंद है। बस सुविधानुसार नेताओं और कार्यकर्ताओं को कभी नजदीक तो कभी दूर किया जाता है। यहां तक कि इस छटनी में उस संबंधित ग्रुप से कई पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं, पार्षद प्रत्याशी, पूर्व पार्षद पति सहित एक वरिष्ठ पत्रकार को भी बाहर किया गया.
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कसा तंज
वहीं इसे लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि- कांग्रेस के विभाजन के संकेत हैं, एक तरफ टी एस बाबा, एक तरफ बघेल और एक तरफ चरण दास महंत हैं. कांग्रेस कई गुटों में बटा है. ये कब क्या बोल दें कोई ठिकाना नहीं है.
