CG Politics: छत्तीसगढ़ में लगातार हार से उबरने की कोशिश कर रही कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए नई पहल की है. पहली बार कांग्रेस ने प्रदेश के सभी मंडलों में अध्यक्षों की नियुक्ति की है, लेकिन अब इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने गरियाबंद में एक मृतक को मंडल अध्यक्ष बना दिया है. इस मामले में भाजपा जहां तंज कस रही है. वहीं, कांग्रेस बैकफूट पर नजर आ रही है. जानें पूरा मामला-
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने की मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति
छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने 1470 से ज्यादा मंडलों में नियुक्तियां की हैं.पहली बार पार्टी में मंडल अध्यक्ष बनाए गए हैं. इससे पहले ब्लॉक और वार्ड स्तर पर ही इकाइयां हुआ करती थीं, लेकिन अब मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति विवादों के घेरे में आ गई है. कांग्रेस के मंडल अध्यक्षों की सूची में जहां एक मृतक का नाम शामिल है. वहीं, कुछ चेहरे ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में भी पदस्थ किए जा चुके हैं.
क्यों विवादों में कांग्रेस मंडल अध्यक्षों की सूची?
- कांग्रेस ने पहली बार बनाए मंडल अध्यक्ष
- प्रदेश के 1470 से अधिक मंडलों में हुई नियुक्ति
- गरियाबंद के इंदागांव मंडल में मृतक को बनाया अध्यक्ष
- मृतक रुपेंद्र सोम को PCC ने बना दिया मंडल अध्यक्ष
- लगभग 15 दिन पहले हुई थी इंदागांव के रुपेंद्र सोम की मृत्यु
- मौत के बाद भी मंडल अध्यक्ष के रूप में नाम जारी करने पर बवाल
- BJP ने कांग्रेस पर कसा तंज
- बैकफुट पर नजर आई कांग्रेस
शुरू हुई सियासत
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पहली बार मंडल अध्यक्ष बनाए जाने और इस लिस्ट मृतक का नाम शामिल होने पर सियासत शुरू हो गई है. साथ ही पार्टी की किरकिरी हो रही है. मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस को आंतरिक SIR कर लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने BJP की नकल कर मंडल अध्यक्ष बना दिया है, लेकिन नकल के लिए भी अकल की जरूरत होती है. कांग्रेस को आंतरिक स्तर पर SIR करना चाहिए. इससे पता चलेगा कहां किसकी मृत्यु हो गई है. वहीं, मंत्री टंकराम वर्मा ने कांग्रेस के कल्चर पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पतन की ओर है. वह अस्तित्व बचाने जद्दोजहद कर रहा है. प्रजातंत्र प्रणाली कांग्रेस में नहीं है. मरे हुए को मंडल अध्यक्ष बना दिए हैं. कभी वोट चोरी, साजिश की बात करते हैं. कांग्रेस का अपना अलग ही कल्चर है.
अब BJP के इस प्रहार पर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि पहली बार कांग्रेस ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की है. जल्द ही दो महीनों में 27 हजार बूथ कमेटियां भी बन जाएंगी. इसके लिए पिछले 5 माह से नियुक्ति प्रक्रिया चल रही थी. सूची जारी होने से पहले एक अध्यक्ष की मृत्यु भी हो गई.उनकी जगह जल्द नई नियुक्ति करेंगे.
छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने कांग्रेस ने लंबी एक्सरसाइज की.महीनों की प्रतीक्षा के बाद पहले ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी हुई.फिर मंडल अध्यक्ष बनाए गए,लेकिन सूची जारी करने की लंबी प्रक्रिया ही पार्टी के लिए किरकिरी का कारण बन गई.यही वजह है कि मृतक को अध्यक्ष बनाए जाने पर भाजपा जहां तंज कसती नजर आ रही है.वहीं कांग्रेस की पूरी चयन प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है.
