CG News: सिक्किम की धुंध से ढकी पहाड़ियों और गहरी घाटियों के बीच, स्टील की पटरियों पर एक क्रांति आकार ले रही है. जिसे कभी एक दुर्गम क्षेत्र माना जाता था, अब उसे महत्वाकांक्षी ‘सेवोक-रंगपो’ रेलवे परियोजना के साथ जोड़ा जा रहा है, जो न केवल कनेक्टिविटी, बल्कि भारत की पूर्वोत्तर सीमा के लिए वाणिज्य, गतिशीलता और एकीकरण के एक नए युग का संकेत दे रही है.
2027 में पूरी होगी परियोजना
44.96 किमी लंबी सेवोक-रंगपो लाइन का काम प्रगति पर है. इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो सिक्किम को अपनी पहली रेलवे कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इस परियोजना में 14 सुरंगें हैं जिसकी लंबाई 38.53 किमी है. बताया जा रहा है कि परियोजना का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है.
छत्तीसगढ़ मीडिया के प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया
छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने सिक्किम के रंगपो में सेवोक-रंगपो परियोजना स्थल का दौरा किया. परियोजना के विवरण पर परियोजना के सलाहकार मोहिंदर सिंह ने प्रकाश डाला. उन्होंने सूचित किया कि 44.96 किमी लंबी सेवोक-रंगपो लाइन का कार्य प्रगति पर है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे सिक्किम को पहली रेल कनेक्टिविटी मिलेगी.
ये भी पढ़ें: CGPSC Prelims 2026: CGPSC की प्रारंभिक परीक्षा आज, एग्जाम सेंटर पहुंचने से पहले छात्र इन बातों का रखें ध्यान
परियोजना का लगभग 90% कार्य पूरा हो चुका है और भारत के पहले टनल स्टेशन ‘तीस्ता बाजार’ का काम लगभग पूरा होने वाला है. परियोजना के कुल 5 स्टेशन पूर्ण होने के विभिन्न चरणों में हैं. इस परियोजना की सबसे लंबी सुरंग लगभग 5300 मीटर और सबसे छोटी सुरंग 542 मीटर लंबी है. इस परियोजना की आधारशिला 30 अक्टूबर 2019 को भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा रंगपो में और रेल मंत्री द्वारा सिवोक में रखी गई थी.
