CG News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक बड़ी पदयात्रा का आयोजन किया. इस पदयात्रा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने स्वयं हिस्सा लिया. यह पदयात्रा केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव और योजना को कमजोर करने के कथित प्रयासों के विरोध में निकाली गई.
पदयात्रा में बड़ी सख्ंया में शामिल हुए कांग्रेस कार्यकर्ता
पदयात्रा का शुभारंभ ग्राम भरे गांव (भरेगांव) से किया गया, जहां से कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होकर निकले. इस पदयात्रा में राजनांदगांव जिले के सभी कांग्रेस विधायक मौजूद रहे, जिनमें हर्षिता बघेल और दलेश्वर साहू प्रमुख रूप से शामिल थे. इसके साथ ही शहर कांग्रेस अध्यक्ष और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी पदयात्रा का हिस्सा बने.
लगभग 8 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा ग्रामीण इलाकों से गुजरते हुए सुरगी गांव में जाकर समाप्त हुई. यहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्य वक्ता के रूप में लोगों को संबोधित किया. जनसभा में ग्रामीणों, मजदूरों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी देखने को मिली.
दीपक बैज ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर इसकी मूल भावना पर हमला किया है और यह सीधे तौर पर ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है. बैज ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में मनरेगा के तहत ग्रामीण मजदूरों को कानूनी रूप से 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार के समय में मजदूरों को औसतन बहुत कम दिनों का काम मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है.
दीपक बैज ने इसे ग्रामीण भारत के खिलाफ साजिश करार देते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर इस योजना को कमजोर कर रही है. उन्होंने मांग की कि मनरेगा का मूल नाम और इसके सभी प्रावधानों को पूरी मजबूती के साथ बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीण मजदूरों को उनका हक मिल सके.
पदयात्रा राज्यव्यापी मनरेगा बचाओं संग्राम अभियान
यह पदयात्रा कांग्रेस के राज्यव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान का हिस्सा है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है. कांग्रेस का दावा है कि सरकार बजट में कटौती, नाम परिवर्तन और ढांचागत बदलावों के जरिए मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, ताकि ग्रामीणों को रोजगार के अधिकार से वंचित किया जा सके.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन्हें मनरेगा योजना के महत्व, अधिकारों और इससे जुड़े लाभों के बारे में जागरूक किया. पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण मजदूरों के हक की इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक पूरी ताकत के साथ लड़ेगी.
सुरगी गांव में जनसभा के साथ यह पदयात्रा समाप्त हुई, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया.
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