Exclusive: हिडमा का करीबी साथी बारसे देवा सरेंडर के बाद से ही तेलंगाना में हैं. देवा ने 3 जनवरी को जब सरेंडर किया तो उसके पास से अमेरिका और इजरायल में बने हथियार मिले थे. विस्तार न्यूज़ ने देवा जैसे बड़े नक्सली से सीधे बातचीत की. इस दौरान देवा ने विदेशी हथियारों के नक्सलियों के इस्तेमाल को लेकर खुलकर बातचीत की.
अमेरिका की कोल्ड और इजरायली टेवोर रायफल बरामद
देवा ने जब सरेंडर किया तो उसके पास से विदेशी हथियार बरामद हुए थे. देवा के पास से अमेरिका की कोल्ड रायफल और इजरायल में बनी टेवोर रायफल मिली थी. इसके बाद से सवाल उठने लगे थे कि क्या नक्सलियों के पास विदेशों से भी हथियारों की सप्लाई हो रही है. विस्तार न्यूज़ की टीम ने विदेशी हथियारों के रहस्या का जवाब भी देवा से लिया. विस्तार न्यूज़ के संवाददाता ने जब देवा से पूछा कि आपके पास से दो विदेशी हथियार मिले हैं. ये आप लोगों तक कैसे आई. इसके जवाब में देवा ने कहा, ‘ये हमको फोर्स से मिली है. हमको विदेशों से हथियार नहीं मिलते हैं.
वहीं नक्सली संगठनों में नाबालिग की भर्ती को लेकर भी देवा ने बात की. देवा ने बताया कि हमारी बटालियन में एक-दो ही नाबालिग थे. संगठन में 15 साल से ज्यादा उम्र के ही लोगों को लिया जाता था. किसी को जबरदस्ती संगठन में शामिल नहीं किया जाता. जो विचारधारा के आधार पर खुद आता है, उसे ही संगठन से जोड़ा जाता है.
‘मुठभेड़ में साथियों के मारे जाने से आंदोलन कमजोर हुआ‘
बारसे देवा ने पहली बार कैमरे पर आकर बात की है. विस्तार न्यूज़ से बातचीत के दौरान उसने कई बड़ी बातें बताई. पिछले 2 सालों में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन तेजी से ऑपरेशन चलाया है. इसके कारण नक्सल संगठन काफी कमजोर हो गए हैं. सरेंडर करने वाले देवा ने भी इस बात को माना है. देवा ने कहा कि माओवादी आंदोलन की परिस्थिति थोड़ी कमजोर हो गई है. मुठभेड़ में साथी मारे जा रहे हैं. कुछ साथी सरेंडर कर रहे हैं. इसके कारण पार्टी कमजोर हो गई है.
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