Gariaband News: ‘लाल आतंक’ के खात्मे को लेकर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. ओडिशा-बॉर्डर पर एक्टिव DVC मेंबर बलदेव समेत 9 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं. इन सभी नक्सलियों पर 45 लाख रुपए का इनाम घोषित था.
हाथ में तिरंगा लेकर मुख्यधारा में लौटे
गरियाबंद जिले में 9 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिनपर 45 लाख का इनाम था. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में मोस्ट वांटेड DVC मेंबर बलदेव और अंजू भी शामिल हैं. इन दोनों पर आठ-आठ लाख रुपए का इनाम घोषित था. सभी नक्सलियों ने अपने हथियार IG अमरेश मिश्रा के सामने डाले हैं. आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सलियों में 6 महिला नक्सली हैं.
सभी नक्सली भारत माता की जय बोलते हुए और हाथ में तिरंगा लेकर मुख्यधारा में लौटे हैं. इनके पास से 3 AK47, दो SLR, एक 303 और मैगजीन, पिट्ठू, वॉकीटॉकी समेत अन्य सामग्री जब्त की गई है.
जिस वक्त ये सभी 9 नक्सली सरेंडर करने के लिए जंगलों से बाहर निकले उस वक्त विस्तार न्यूज के रिपोर्ट पुरषोत्तम पात्र मौके पर मौजूद रहे. वह नक्सलियों को लाने वाली बस में चढ़े और सभी नक्सलियों के हाथ में तिरंगा दिया. साथ ही भारत माता के जयकारे लगवाए.
परिजनों ने की थी घर वापसी की अपील
बता दें कि जिस भालूडीगी और राजाडेरा में 2 सीसी मेंबर समेत 20 से ज्यादा नक्सली मारे गए थे,उसी पहाड़ी में ये सभी नक्सली कुछ माह से सक्रिय थे. इनकी सक्रियता को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी पशोपेश में थी. तमाम बड़े नक्सली लीडरों की घर वापसी और खात्मे के बाद अंजू और बलदेव के नेतृत्व में 9 नक्सलियों की टुकड़ी ओडिशा सीमा पर सक्रिय थी. बलदेव और अंजू के परिजनों ने दो दिन पहले ही घर वापसी की अपील की थी.
IG अमरेश मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नक्सल मुक्त जिला घोषित हम नहीं कर सकते पर यह तो तय है कि गरियाबंद जिला में सक्रिय नक्सलियों की लिस्ट में अब सक्रिय संख्या नहीं रह गया है. वहीं, माना जा रहा है कि 9 लोगों के समर्पण करते ही गरियाबंद नक्सलमुक्त जिले के कगार पर आ गया है,. हो सकता है इस गणतंत्र को जिला नक्सलमुक्त घोषित कर दिया जाएगा.
