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CG News: अंबिकापुर में बुजुर्ग विधवा महिला से मां-बेटी जैसा रिश्ता बनाकर की पांच लाख की ठगी, फर्जी एप और ऑनलाइन ट्रेडिंग के दिखाए स्‍क्रीनशॉट

The accused is Radhika alias Sumitra Bhagat

आरोपी राधिका उर्फ सुमित्रा भगत

CG News: अंबिकापुर में एक ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक बुजुर्ग विधवा महिला से पहले एक युवती ने नजदीकियां बढ़ाईं, मां-बेटी जैसा रिश्ता बनाया और फिर बुजुर्ग महिला को ऑनलाइन ट्रेडिंग की ट्रेनिंग देने के नाम पर एक लाख से अधिक रुपए ठग लिए. खुद भी गेम एप से लाखों रुपए कमाने की जानकारी देते हुए एप का स्क्रीनशॉट दिखाया. इसके बाद कहा कि यह रुपए फिलहाल मेरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन मुझे कार खरीदनी है. तब तक के लिए मुझे पांच लाख रुपए दे दीजिए. अब युवती रुपए लेने की बात से इनकार कर रही है. पूरा मामला अंबिकापुर के गांधीनगर थाना पहुंचा है. गांधीनगर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित महिला को कोर्ट जाने की सलाह दे दी है.

ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसे कमाने का दिया लालच

अंबिकापुर के रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित ठाकुरपुर निवासी लुती लुसिया खेस ने आवेदन में बताया है कि अगस्त महीने में उसकी पहचान कुसमी दरीपारा निवासी राधिका उर्फ सुमित्रा भगत से हुई. इसके बाद वह उसके घर हमेशा आना-जाना करने लगी. तब राधिका अंबिकापुर नमना कला में किराए के कमरे में रहती थी. इस दौरान राधिका ने ऑनलाइन ट्रेडिंग से अधिक पैसा कमाने का लालच देते हुए एक लाख से अधिक रुपए लेकर इसकी ट्रेनिंग देने की बात कही. कुछ दिन मोबाइल के माध्यम से इसके बारे में वह ट्रेनिंग भी देने लगी और हमेशा घर में आना-जाना करने लगी. इस दौरान आरोप है कि राधिका पीड़िता से मां-बेटी जैसा रिश्ता बनाकर घुल-मिल गई.

मोबाइल स्क्रीनशॉट दिखाकर जीता भरोसा

इसके बाद उसने पीड़ित महिला को बताया कि वह ऑनलाइन गेम के माध्यम से भी लाखों रुपए कमा रही है. उसने इसकी स्क्रीनशॉट दिखाई और बताया कि वह करीब 20 से 25 लाख रुपए ऑनलाइन गेम से जीत चुकी है, लेकिन वह रुपए उसके अकाउंट में ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं. उसे एक कार खरीदनी है और कार खरीदने के लिए करीब पांच लाख रुपए कम पड़ रहे हैं. उसने रुपए की मांग महिला से की और कुछ दिनों बाद वापस करने की बात कही. इसके बाद पीड़ित महिला रुपए देने के लिए तैयार हो गई और राधिका उसे लेकर अलग-अलग बैंकों में गई और पीड़ित महिला से रुपए निकलवाए. तब राधिका के साथ अलका नामक युवती भी थी. इसके बाद वे रुपए लेकर गाड़ी खरीदने चले गए. रुपए लेने के कई सप्ताह बाद भी रुपए वापस नहीं किए गए तो महिला ने राधिका से रुपए मांगने शुरू किए, लेकिन आरोप है कि वह टालमटोल करने लगी. बाद में उसने रुपए देने से इनकार कर दिया.

जिस एप पर पैसा लगाया वो एप ही बंद हो गया

इसके बाद जब कुछ महीने गुजर गए तब महिला ने इसकी शिकायत गांधीनगर थाना में की. पुलिस ने पीड़ित महिला और राधिका को थाना बुलाया, लेकिन यहां राधिका ने बताया कि उसे जो रुपए मिले थे, उन रुपयों को ऑनलाइन एप में रिचार्ज करने में पूरे रुपए खत्म हो गए हैं. उसने एप में महिला के परिचित लोगों की आईडी बनाकर रिचार्ज की है. जानकारी के अनुसार हैरानी की बात यह है कि यह एप भी अब बंद हो चुका है. इस एप में सैकड़ों लोगों ने करोड़ों रुपए गंवाए हैं.
दूसरी तरफ जिस क्रेटा कार को कथित तौर पर राधिका ने खरीदा है, वह कार कोरबा जिले में पोस्टेड एक तहसीलदार के नाम पर बताई जा रही है. कार मार्टिन नामक एक व्यक्ति के नाम पर है. तहसीलदार का कहना है कि कार मैंने अपने पैसों से खरीदी है और लोन लिया है. ठगी को लेकर जब राधिका से सवाल किया गया तो उसका कहना है कि कोई भी इस तरह से ठगी का आरोप लगा सकता है, आरोप गलत है.

पुलिस ने दर्ज नहीं किया मामला

इस अलग अंदाज की ठगी की घटना की खूब चर्चा हो रही है, लेकिन सवाल इस बात पर भी उठ रहा है कि आखिर गांधीनगर पुलिस ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करते हुए अपराध दर्ज क्यों नहीं किया. हालांकि इस पूरे मामले में सरगुजा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है.

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