Kawardha News: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर विस्तार न्यूज की खबर का असर हुआ है. कवर्धा जिले में 7 करोड़ की धान गायब होने की खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है. कलेक्टर ने संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रीतेश पांडेय को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन भी किया गया है.
केंद्र प्रभारी निलंबित
7 करोड़ की धान गायब मामले में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रीतेश पांडेय को निलंबित कर दिया है. वहीं, DMO को भ्रमित बयान देने पर शो काज नोटिस जारी किया गया है. कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो नए सिरे से संग्रहण केंद्र की जांच करेगी.
जानें पूरा मामला
पूरा मामला कवर्धा बाजार चारभाठा और बघर्रा धान संग्रहण केंद्रों से जुड़ा है. यहां साल 2024-25 में समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों से खरीदे गए कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान में से 26 हजार क्विंटल की कमी सामने आई है. इसमें सबसे बड़ी गड़बड़ी बाजार चारभाठा केंद्र में पाई गई, जहां अकेले 22 हजार क्विंटल धान लापता मिला.
7 करोड़ की धान खा गए चूहे-दीमक
जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि धान की यह कमी मौसम के प्रभाव और चूहे, दीमक तथा कीड़ों द्वारा हुए नुकसान के कारण हुई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे छत्तीसगढ़ के 65 धान संग्रहण केंद्रों की तुलना में कवर्धा जिले की स्थिति बेहतर है. यानी अगर दूसरे जिलों में हालात ज्यादा खराब हैं, तो यहां इतनी मात्रा में धान का “चूहों-दीमक द्वारा खाया जाना” कोई बड़ी बात नहीं है.
वहीं, इस मामसे में प्रभारी पर गंभीर आरोप लगे हैं. बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र के प्रभारी पर फर्जी आवक-जावक दिखाने, डैमेज धान की खरीदी के फर्जी बिल बनाने, मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने और CCTV कैमरों से छेड़छाड़ करने जैसे आरोप दर्ज हुए हैं.
