CG News: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा बुधवार को रायपुर जेल से बाहर आ गए. जेल के बाहर हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. पूर्व विधायक और लखमा के बेटे भी मौजूद रहे. पूर्व आबकारी मंत्री लगभग एक साल के बाद जेल से बाहर आए. उन्होंने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है.
कवासी लखमा ने क्या कहा?
रायपुर जेल से बाहर आने के बाद कवासी लखमा ने कहा कि आज मुझे 1 साल 20 दिन के बाद जेल से छूटने का मौका मिला. सबसे पहले मैं सुप्रीम कोर्ट और इस देश की न्यायपालिका को बधाई देना चाहता हूं. बस्तर के जल, जंगल और जमीन की आवाज उठाने वाला मैं एक साल से जेल में था. मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और टीएस सिंहदेव मेरा हौसला बढ़ाने के लिए बारी-बारी से आते थे. उन्होंने आगे कहा कि मुझे न्यायपालिका में पूरा भरोसा है. आने वाले समय में मुझे उम्मीद है कि दूध का दूध पानी का पानी होगा.
किन शर्तों पर कवासी लखमा को जमानत मिली?
- सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को शराब घोटाले से संबंधित ED और EOW मामले में जमानत दी है.
- कवासी लखमा को अपना पासपोर्ट, वर्तमान पते की जानकारी और मोबाइल नंबर की जानकारी पुलिस थाने में जमा करनी होगी.
- कवासी लखमा को राज्य के बाहर रहना होगा.
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कवासी लखमा की गिरफ्तारी क्यों हुई?
कवासी लखमा कोंटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. भूपेश बघेल सरकार में आबकारी मंत्री रह चुके हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था. इस मामले में ईडी ने 3800 पन्नों की रिपोर्ट पेश की थी. हर महीने 2 करोड़ रुपये की बात भी कही गई थी. इसके बाद EOW ने उन्हें 2 अप्रैल 2025 को हिरासत में लिया और 1100 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी. इस चार्जशीट में अवैध कमाई के जरिए 64 करोड़ रुपये मिलने की बात कही थी. हाई कोर्ट ने 12 सितंबर 2025 को उनकी जमानत याचिका रद्द कर दी थी.
