CG News: भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जंबूरी में आयोजित तैयारी को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं. इससे पहले सरकारी नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये के टेंडर से पहले कार्य शुरू करने के आरोप लग चुके हैं, अब अस्थायी टॉयलेट की व्यवस्था को लेकर करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी उजागर हुई है.
जंबूरी में 88 लाख में बने टॉयलेट में बड़ा भ्रष्टाचार
जंबूरी स्थल पर केवल पांच दिनों के लिए 400 अस्थायी टॉयलेट लगाए गए. इसके लिए आयोजकों ने कुल 88 लाख रुपये वसूल किए, यानी एक टॉयलेट के लिए 22 हजार रुपये. बाजार दर के अनुसार यह चार गुना अधिक बताया जा रहा है.
विस्तार न्यूज के पड़ताल में भी सामने आया कि 22 हजार रुपये की टॉयलेट में केवल एक ही सीट मौजूद थी, जबकि बाकी हिस्सों में लोहे और एल्युमिनियम की सीटें लगी थी. इससे साफ पता चलता है कि राशि असामान्य रूप से अधिक ली गई.
बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए सवाल
जंबूरी के कुल 5.19 करोड़ रुपये के टेंडर में से 1.62 करोड़ रुपये केवल शौचालय, मूत्रालय और नहाने जैसी अस्थायी सुविधाओं पर खर्च दिखाए गए हैं. इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह खर्च वाकई उचित था या इसमें अनियमितता हुई है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के खर्च और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं साफ तौर पर नियमों की अवहेलना का संकेत हैं. उन्होंने मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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टेंडर से पहले शुरू हुआ काम
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बालोद द्वारा जंबूरी से संबंधित कार्यों के लिए आदेश दिनांक 05 जनवरी 2026 को जारी किए गए थे, लेकिन इससे लगभग दो माह पहले ही अमर भारत किराया भंडार के संचालक जसपाल ने जंबूरी स्थल पर टेंट, तंबू, लाइट और पानी की व्यवस्थाओं का काम शुरू कर दिया था. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कोई आधिकारिक आदेश या टेंडर जारी ही नहीं हुआ था, तो यह कार्य किसके इशारे पर किया गया.
