CG News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा और महासमुंद जिलों में धान चूहों द्वारा खा जाने के दावे को लेकर अब राजनीति पूरी तरह गरमा चुकी है. इसी मुद्दे को लेकर आज कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अभिजीत सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस ने इस पूरे मामले को भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
20 जनवरी को निकालेंगे ‘चूहा बरात’
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि 20 तारीख यानी मंगलवार को दुर्ग कांग्रेस भवन से एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. इस दिन कांग्रेस कार्यकर्ता चूहा बारात निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और प्रतीकात्मक रूप से कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम चूहा सौंपेंगे. कांग्रेस का कहना है कि सरकार जिस तरह से धान घोटाले का ठीकरा चूहों के सिर फोड़ रही है, उसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार का भ्रष्टाचार अब उजागर हो चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि कवर्धा में करीब 7 करोड़ रुपये और महासमुंद में लगभग 5 करोड़ रुपये का धान गायब हुआ है, और अब सरकार इसे चूहों द्वारा खा जाने की कहानी बताकर जनता को गुमराह कर रही है.
‘जिम्मेदार लोग खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं’
राकेश ठाकुर ने आगे कहा कि यह बेजुबान जानवरों पर दोष मढ़ने का प्रयास है, जबकि असल में जिम्मेदार लोग खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस चूहों को दोस्ताना तोहफे के रूप में मुख्यमंत्री के नाम सौंपेगी, ताकि यह दिखाया जा सके कि धान कैसे गायब हुआ. कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके. फिलहाल इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने के आसार हैं.
