Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 9 साल से बच्ची से दुष्कर्म के मामले में लगातार बाल आयोग की टीम निगरानी कर रही है. कुछ दिनों पहले ही 9 साल की बच्ची के साथ दुराचार की निंदनीय घटना सामने आई थी. इस घटना की जानकारी मिलते ही बाल आयोग ने 14 जनवरी को प्रकरण दर्ज कर और 4 बिंदुओं पर जांच का आदेश जारी किया गया था. इसमें बच्ची के स्वास्थ, मानसिक परामर्श और आर्थिक सहायता करवाने के निर्देश दिए गए.
इस गंभीर मामले की अद्यतन जानकारी लेने के लिए 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने आईसीपीएस की टीम , बाल कल्याण समिति (CWC) एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ पीड़िता के निवास पहुंचकर बच्ची एवं उसके परिजनों से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने पीड़िता से अत्यंत संवेदनशीलता के साथ बातचीत कर उसे पूर्ण सहयोग एवं न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था.
बाल आयोग अध्यक्ष ने जाहिर की नाराजगी
बच्ची की स्थिति को देखते हुए बाल आयोग अध्यक्ष ने विलंब को दृष्टिगत करते हुए नाराजगी जाहिर करते हुए बाल कल्याण समिति से अब तक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं होने को लेकर सवाल किया, जिस पर जानकारी मिली कि संबंधित प्रकरण अभी तक थाना स्तर से CWC को प्राप्त नहीं हुआ है.
आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मौके पर ही टीम साथ आए बाल मनोवैज्ञानिक से बच्ची को परामर्श भी करवाया गया था और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
इस पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं संबंधित थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जाए. साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को बच्ची का उपचार स्त्री रोग विशेषज्ञ के माध्यम से कराए जाने तथा आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. वर्तमान में बच्ची पूर्ण देख रेख में अस्पताल में भर्ती है.
22 जनवरी को पेश की जाएगी रिपोर्ट
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उम्मेद सिंह से विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है. इस पूरे मामले का प्रतिवेदन 22 जनवरी को बाल आयोग कार्यालय में CWC द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा.
अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस निंदनीय और गंभीर प्रकरण में बाल आयोग हर स्तर पर सहयोग करेगा तथा बच्ची के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. मुलाकात के बाद भी अध्यक्ष लगातार पीड़ित परिवार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बनी हुई हैं और पूरे मामले की स्वयं निगरानी कर रही हैं.
