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Exclusive: ‘ये हमला सही नहीं था…’, 12 साल बाद झीरम घाटी कांड पर बोला रूपेश

Rupesh Exclusive Interview

झीरम कांड पर रूपेश ने किया बड़ा खुलासा

Rupesh Exclusive Interview: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है. 17 अक्टूबर को जगदलपुर में नक्सलियों के उत्तर पश्चिम सब जोनल प्रभारी रूपेश समेत 210 हथियारबंद साथियों के साथ घर वापसी की है. वहीं रूपेश ने विस्तार न्यूज़ के साथ Exclusive Interview के दौरान एडिटर इन चीफ ज्ञानेंद्र तिवारी से खुलकर कई मुद्दों पर बातचीत की.

इस दौरान रूपेश ने नक्सलियों के हथियार छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ने, नक्सलियों के चुनाव लड़ने समेत हिडमा के सरेंडर को लेकर खुलकर बात की. वहीं रूपेश ने 2013 में हुए झीरम घाटी कांड को लेकर भी बड़ी बातें कही.

ये हमला सही नहीं था….झीरम घाटी कांड पर बोला रूपेश

विस्तार न्यूज़ के एडिटर इन चीफ ज्ञानेंद्र तिवारी ने जब रूपेश से झीरम घाटी कांड और महेंद्र कर्मा की हत्या पर सवाल किया तो शुरू में वो सवाल को टालते नजर आया. इसके बाद रूपेश ने झीरम घाटी कांड पर अपनी बात रखी. रूपेश ने कहा कि झीरम हमला नहीं होना चाहिए था. जिस तरह से कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा को मारा गया, उनके साथ व्यवहार किया गया वो सही नहीं था. उसने आगे बताया कि मैं उस हमले में शामिल नहीं था. अगर होता तो ये हमला नहीं होने देता.

12 साल पहले हुआ था झीरम कांड

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2013 से पहले कांग्रेस ने सत्ता पाने के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की थी. 25 मई 2013 को, जब यह यात्रा सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी, नक्सलियों ने झीरम घाटी में उसपर हमला कर दिया. इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, दिनेश पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल जैसे नेता शहीद हो गए थे. ये हमला छत्तीसगढ़ और पूरे देश के लिए एक बड़ी राजनीतिक त्रासदी साबित हुआ.

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बसवराजू ने बनाया था प्लान

नक्सली लीडर बसवराजू ने इस भयानक राजनीतिक हत्याकांड की योजना बनाई थी. वह नक्सलियों की सेना का प्रमुख था. उसने बस्तर जिले की झीरम घाटी को घेरकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 30 से ज्यादा लोगों को बेरहमी से मार डाला था. 

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