CG News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस की जिला स्तर की टीम गठित किए जाने के बाद बवाल हो रहा है. कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के द्वारा अपने पद से इस्तीफा दिए जाने का पत्र वायरल हो रहा है. 12 से ज्यादा पदाधिकारी ने जिला कांग्रेस कमेटी की नई टीम से इस्तीफा दे दिया है.
विस्तार न्यूज़ से बातचीत करते हुए सूरजपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह ने कहा है कि उन्हें भी मोबाइल फोन के माध्यम से ही कुछ लोगों का इस्तीफा पत्र दिखाई दिया है. लेकिन उन्हें किसी ने पर्सनल व्हाट्सएप्प नहीं किया है. उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफा पत्र वायरल होने के बाद संबंधित पदाधिकारी से उन्होंने फोन पर बातचीत की. तब पता चला कि उन्होंने इस्तीफा पत्र में साइन नहीं किया हुआ है. यानी उनके नाम पर इस्तीफा पत्र बनाकर दूसरे व्यक्तियों के द्वारा इसे वायरल किया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के द्वारा जानबूझकर ऐसी स्थिति बनाई जा रही है, लेकिन जितने लोगों का इस्तीफा वाला पत्र उन्हें दिखाई दिया है, वह उन सभी से बात करेंगे. शशि सिंह ने बताया कि उन्हें अब तक इस्तीफा की कोई हार्ड कॉपी नहीं मिली है.
‘अजीत जोगी की पार्टी में काम करने वाले लोगों को मौका दिया’
सूरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी से इस्तीफा देने वालों में उपाध्यक्ष के अलावा अन्य कई पद में मनोनीत किए गए नेता शामिल हैं. वायरल इस्तीफा पत्र में कहा गया है कि सूरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी में उन लोगों को शामिल किया गया है, जो आज से पहले दूसरे पार्टियों में हुआ करते थे. लेकिन उन्हें कांग्रेस में मौका दे दिया गया, जिन्होंने कांग्रेस को हराने का काम किया उन्हें पद से नवाजा गया है. इतना ही नहीं यह भी कहा गया है कि अजीत जोगी की पार्टी में काम करने वाले लोगों को कांग्रेस में मौका दिया गया है. बाहर से कांग्रेस के नेताओं को आयातित किया गया है और उनसे बिना सलाह मशवरा लिए कांग्रेस की टीम बनाई गई है. वहीं अन्य इस्तीफा देने वाले कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि अपरिहार्य कारण से अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं.
कांग्रेस में गुटबाजी नहीं रूक रही!
वहीं दूसरी तरफ जिला अध्यक्ष शशि सिंह भूपेश बघेल और अमरजीत भगत के गुट की मानी जाती है और राहुल गांधी की करीबी मानी जाती हैं, क्योंकि उनकी न्याय यात्रा में शामिल हुई थी. वहीं जब कांग्रेस ने उन्हें सरगुजा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया था तब भी उनके प्रचार के समय गुटबाजी दिखाई दी थी, इसके बाद शशि सिंह को लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा था. अब जब वह जिला अध्यक्ष बन गई हैं तब भी उन्हें पार्टी के भीतर चल रहे खींचतान का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि जिला अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं से मुलाकात की थी और आशीर्वाद लिया था. उन्होंने भूपेश बघेल के अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री TS सिंह देव से भी मुलाकात की थी. लेकिन शायद इसका कोई असर नहीं हुआ और भीतरखाने में गुटबाजी अभी भी है.
