Ambikapur News: सरगुजा प्रशासन के अधिकारियों से मिलने के लिए पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोग अंबिकापुर पहुंचे. लोगों ने बताया कि उनके गांव तक जाने के लिए सड़क नहीं है, जबकि गांव में कई गर्भवती महिलाएं हैं. कुछ गर्भवती महिलाओं की बारिश के दिनों में डिलीवरी होने वाली है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को कांवड़ में लेकर करीब 6 किलोमीटर तक चलना पड़ता है. कई बार आवेदन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. यह सुन जिला पंचायत CEO ने ऐसा काम किया कि ग्रामीम खुश होकर लौटे. जानें पूरा मामला-
क्या है पूरा मामला?
सरगुजा जिले के लूंड्रा जनपद इलाके के रवई ग्राम पंचायत के जटा सेमर गांव में रहने वाले राष्ट्र पति के दत्तक पुत्र आज कलेक्टर से मिलने पहुंचे.कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो पाने के कारण जिला पंचायत CEO से मुलाकात की. पहाड़ी कोरवा अपने घर से 70 किलोमीटर दूर सरगुजा जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलने के लिए सिर्फ इसलिए पहुंचे क्योंकि उनके गांव में न बिजली है, न पानी और न ही सड़क की व्यवस्था. आजादी के 8 दशक गुजर जाने के बावजूद अब तक यहां मूलभूत सुविधा पहुंचाने के लिए अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ. सभी ग्रामीण गांव में पहले बैठक किए, उसके बाद एक पिकअप वाहन को किराए में लिया और फिर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलने पहुंचे.
ग्रामीणों के मुताबिक उनके द्वारा कई बार ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पास कर निर्माण कार्यों को करने के लिए अधिकारियों के पास भेजा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद काम अब तक शुरू नहीं हुआ है. इस साल बारिश के मौसम में अभी 4 महीने का वक्त है और जब बारिश शुरू हो जाएगी तब फिर उनकी परेशानी शुरू हो जाएगी. क्योंकि बारिश के दिनों में नालों में गंदा पानी भर जाता है, क्योंकि वे नाला का पानी पी रहें हैं. गांव वालों ने बताया कि उन्हें राशन भी नहीं मिल पा रहा है. वहीं, अन्य ग्रामीण ने बताया कि उसकी पत्नी 4 माह की गर्भवती है.जुलाई महीने में उसकी डिलीवरी होने वाली है, लेकिन गांव में सड़क नहीं होने के कारण वह परेशान है क्योंकि उसके दो बच्चे हैं. जब दोनों बच्चे हुए तब वह अपनी गर्भवती पत्नी को कांवड़ में ढोकर अस्पताल ले गया था. इस बार ऐसी स्थिति न बने इसलिए वह सड़क बनाने की मांग करने के लिए अंबिकापुर पहुंचा है.
CEO ने किया ऐसा काम कि खुश होकर लौटे ग्रामीण
सरगुजा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी विनय अग्रवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना. संबंधित विभाग के अधिकारियों से फोन पर उनके सामने बातचीत की. उसके बाद बताया कि गांव में सड़क निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है. ठेकेदार से सिर्फ एग्रीमेंट करना बाकी है. वह काम भी मार्च तक शुरू हो जाएगा.
उन्होंने पीएचई के अधिकारी को गांव में बोरवेल करने के निर्देश दिए. गांव में ही राशन की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और कहा कि अगर उनके द्वारा की गई शिकायत निर्धारित सीमा के भीतर पूरी नहीं होती है तो वह उन्हें फोन कर सकते हैं. जिला पंचायत सीईओ ने पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया और कहा कि आप अपनी समस्या मुझे कभी भी बता सकते हैं.
