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नक्सलियों के सरेंडर करने के लिए खैरागढ़ जिला क्यों बना सेफ जोन? जानें इसके पीछे की वजह

Naxal Surrender

दंतेवाड़ा में 18 महिला नक्सली समेत 63 नक्सलियों ने किया सरेंडर

नितिन भांडेकर (खैरागढ़)

CG News: खैरागढ़ जिला जिसे MMC Zone पॉइंट सेंटर कहा जाता है. जो इन दिनों नक्सलियों के लिए सरेंडर किये जाने का पसंदीदा जिला बन चुका है, जिसका प्रमुख कारण यहां के फोर्स द्वारा MMC zone के जंगलों में लगातार चलाए जा रहे सर्च अभियान और जिले के कप्तान लक्ष्य शर्मा की माओवाद के खिलाफ बनाई गई बेहतरीन रणनीति है.

बस्तर में नक्सलियों का अंत करीब है, जंगलों में अब चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है, ऐसे में MMC Zone कहे जाने वाले इस पेंच के कारिडोर के रास्ते मुख्यधारा से भटके नक्सली अपनी जान बचाने ऐसे जिले की तलाश में हैं, जहां उनकी जान बच जाये.

नक्सलियों के सरेंडर करने के लिए खैरागढ़ बना सेफ जोन

ऐसे में नक्सलमुक्त खैरागढ़ जिले में बीजापुर, सुकमा के माड़ डिवीजन और विभिन्न कैडर के नक्सलियों की आमदगी हो चुकी है. जहां पर लगातार नक्सलवाद विचारधारा के कुख्यात नक्सली अब हिंसा की राह छोड़कर मुख्यधारा पर लौट चुके हैं. खैरागढ़ जिले के MMC Zone पॉइंट के बकरकट्टा थाना क्षेत्र में लगातार माओवाद विचारधारा के नक्सलियों द्वारा सरेंडर किये जाने का यह दूसरा मौका है. जब एक नक्सली दंपत्ती ने सरेंडर किया जिन पर बीस लाख के इनाम घोषित था.

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अब देखना यह होगा की खैरागढ़ ASP नितेश गौतम के द्वारा की गई अपील के चलते भविष्य में और कितने नक्सली खैरागढ़ जिले में आकर सरेंडर करते हैं.

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