Vistaar NEWS

CG News: छत्तीसगढ़ में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन समेत 5 दवाएं अवमानक, औषधि नियंत्रण विभाग ने जारी किए निर्देश

5 medicines in Chhattisgarh are substandard

छत्तीसगढ़ में 5 दवाएं अवमानक

CG News:छत्तीसगढ़ में राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने प्रदेश में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन समेत 5 दवाओं को अवमानक घोषित कर दिया है. DCGI की सूचना के बाद राज्य औषधि नियंत्रण विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है. राज्य में सभी जिला औषधि नियंत्रण अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही दवा विक्रेताओं, थोक वितरकों और अस्पतालों को स्टॉक की जांच के आदेश दि‍ए हैं.

विभाग ने संदिग्ध बैच की दवाओं की बिक्री और उपयोग को तत्काल रोकने की अपील की है. विभाग ने ये भी निर्देश दिया है कि संदिग्ध दवा मिलने पर तत्काल प्रभाव से औषधि नियंत्रण विभाग को सूचना दी जाए.

स्टॉक की जांच के निर्देश

विभाग ने दवा दुकानदारों, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों से कहा है कि वे अपने स्टॉक की जांच करें और प्रतिबंधित बैचों की दवाओं का उपयोग या बिक्री न करें. यदि ऐसी दवाएं उनके पास मौजूद हैं तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित जिला औषधि नियंत्रण कार्यालय को दी जाए. आम नागरिकों से भी सतर्क रहने और संदिग्ध दवाओं की सूचना प्रशासन को देने की अपील की गई है.

जांच में सामने आईं खामियां

अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय औषधि नियंत्रक संगठन की जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के बैच नंबर I-7881 को गंभीर रूप से अमानक पाया गया. इसके अलावा रायपुर स्थित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के दौरान चार अन्य दवाओं के नमूने भी गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहे.

कंपनियों की सप्लाई पर सवाल

जांच में सामने आया कि नाक्पेन-पी दवा की आपूर्ति उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित कंपनी से की गई थी, जबकि एसीएचई-पी और कोल्डजिया टैबलेट हिमाचल प्रदेश की कंपनियों द्वारा सप्लाई की गई थीं. इस मामले पर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से अमानक दवाओं और चिकित्सा सामग्री के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

इन दवाओं के बैच घोषित हुए अमानक

जिन दवाओं के बैच अमानक पाए गए हैं उनमें नाक्पेन-पी (बैच नंबर MT-250777), फ्लामो स्टार-एपी टैबलेट (बैच नंबर SAI-25029), एसीएचई-पी (बैच नंबर LV25DT-066B) और कोल्डजिया टैबलेट (बैच नंबर GT-25294A) शामिल हैं. विभाग ने इन दवाओं के उपयोग से बचने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

ये भी पढे़ं- CG News: बस्तर में बिना लैब कैसे होगी जहरीले फलों की पहचान? जांच के दावों पर उठे सवाल, कैसे करें लोग पहचान

Exit mobile version