Ambikapur News: अंबिकापुर में कृषि विभाग के जिम्मेदारों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है. अंबिकापुर जनपद पंचायत में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के जगह पर कृषि विकास अधिकारी को प्रभार दे दिया गया है, जबकि अंबिकापुर में उप संचालक कार्यालय में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों से बाबू का काम लिया जा रहा है. मतलब साफ है कि पहुंच और अफसरों की चापलूसी करने में चार कदम आगे रहने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को बड़े पद पर प्रभार में बांटे जा रहे हैं, इतना ही नहीं विवादित अधिकारी जिन्हें पहले उनके कामकाज में लापरवाही और गड़बड़ी की वजह से हटाया गया था उन्हें फिर से अंबिकापुर ब्लाक में बड़े पद में प्रभार देकर नवाजा गया है.
चापलूसी करने वाले अफसरों को मलाईदार पद
सरगुजा जिला कृषि के क्षेत्र में जाना जाता है लेकिन यहां अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सब कुछ कागजो में ही चल रहा है, चाहे वह दलहन खेती की बात हो या तिलहन की खेती. कागजों में आंकड़े की बाजीगरी करना अगर किसी को सीखना है तो वह अंबिकापुर में कृषि विभाग के अधिकारियों से सीख सकता है. यही वजह है कि अधिकारी अपनी चापलूसी करने वाले अधिकारियों को बड़े पदों में बैठा रहे हैं.
क़ृषि मंत्री के निर्देश पर उप संचालक ने हटाया था
दूसरी तरफ अंबिकापुर में ब्लॉक लेवल पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के पद पर कृषि विकास अधिकारी को जाहांगीर आलम प्रभार दिया गया है. जो पहले अंबिकापुर में फर्टीलाइजर इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे लेकिन क़ृषि मंत्री राम विचार नेताम ने शिकायत मिलने पर तत्काल उसे फर्टीलाइजर इंस्पेक्टर के पद से हटाने निर्देश दिया था, इसके बाद उप संचालक ने हटा दिया था, लेकिन अब उप संचालक ने उसके ऊपर एक बार फिर से मेहरबानी दिखाई है, जबकि उप संचालक कार्यालय में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी बीबीयाना बेक, छेरतु राम पैकरा, हेमंत प्रभा तिग्गा, अनीता खलखो सहित आधा दर्जन वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी बाबू का काम कर रहे हैं. इन्हें भी ब्लाक लेबल पर जिम्मेदारी दी जा सकती थी लेकिन क़ृषि विभाग में चापलूसी के दम पर पूरा खेल चल रहा है.
