CG Teacher: देशभर में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं और अब बस्तर भी इससे अछूता नहीं है. जगदलपुर के आड़ावाल स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालय में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर कलेक्टोरेट का रुख किया. छात्रों का कहना है कि व्याख्याताओं की कमी के चलते उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
यह है पूरा मामला
दरअसल छात्रों के मुताबिक पिछले साल शिक्षा विभाग की ओर से पांच व्याख्याता स्कूल में लाए गए थे, लेकिन 4 मई को उन्हें हटा दिया गया. इसके बाद अब तक नए व्याख्याताओं की व्यवस्था नहीं हो पाई है. कक्षा 12वीं के छात्र परमेश्वर सोरी का कहना है कि विषयों की पढ़ाई में लगातार परेशानी आ रही है और वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द व्याख्याताओं की व्यवस्था की जाए.
वहीं छात्र शरद कुमार पटेल ने शिक्षकों की कमी के साथ इस बार स्कूल ड्रेस नहीं मिलने की बात भी कही. छात्रों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर जल्द समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से बात करने का आश्वासन मिला है.
प्रदेश के बच्चे चाह रहे शिक्षक भर्ती
छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों के छात्र व्यवस्था से परेशान नजर आ रहे हैं. कहीं टीचर न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है, तो कहीं के प्राचार्य और वॉर्डन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगा है. पिछले 1 महीने में राज्य के अलग-अलग जगहों में छात्रों ने प्रदर्शन करा है. कई मामलों में बच्चों के पेरेंट्स ने भी उनका सपोर्ट किया है.
हाल ही में दुर्ग जिले के ग्राम पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल में टीचर्स की कमी को लेकर स्कूली बच्चे सड़क पर उतर आए. वहीं, कोरबा के छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के बच्चे 2 बार प्रदर्शन कर चुके हैं. यही नहीं, धमतरी जिले के बारना गांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में टीचर की कमी को लेकर बच्चों और पेरेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा। 17 अगस्त को स्कूल में ताला लगाकर बच्चे धरने पर बैठ गए.
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