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11 राज्यों में 50 शिकायतें, 4 करोड़ की धोखाधड़ी… छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार

11 राज्यों में 50 शिकायतें, 4 करोड़ की धोखाधड़ी… छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार

बिलासपुर. साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का बिलासपुर रेंज साइबर थाने ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर वित्तीय अपराध की 50 शिकायतें सामने आई हैं. इन शिकायतों में करीब चार करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है. पुलिस अब इन लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है.

मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा में संचालित एक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध रकम के लेन-देन की जानकारी मिलने के बाद हुई. जांच में सामने आया कि अजय फार्म हाउस के नाम से संचालित खाते में 18 मई से 12 जून 2026 के बीच महज 25 दिनों में 2 करोड़ 20 लाख 68 हजार 443 रुपये की संदिग्ध राशि का हस्तांतरण हुआ. बैंक स्टेटमेंट, खाता खोलने के दस्तावेज, केवाईसी और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों तक पहुंच बनाई.

कमीशन लेकर खाते कराते थे उपलब्ध

जांच में पता चला कि आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे. इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम मंगाई जाती थी और बाद में अलग-अलग खातों में हस्तांतरित की जाती थी. ऐसे खातों को म्यूल बैंक खाते कहा जाता है.

पुलिस के अनुसार अजय कुमार सोनी ने अजय फार्म हाउस के नाम से खाता खुलवाया और उससे संबंधित बैंकिंग जानकारी अन्य लोगों को उपलब्ध कराई. खाते में 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला. अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू पर खाता उपलब्ध कराने वाले लोगों से संपर्क कराने और कमीशन लेने की भूमिका सामने आई है.

भास्कर कश्यप ने कथित तौर पर अजय के कहने पर बैंक खाता खुलवाया और उसे साइबर ठगी के लेन-देन के लिए उपलब्ध कराया. इसके बदले उसे 20 हजार रुपये कमीशन मिलने की बात सामने आई है. नरेन्द्र कुर्रे खातों की व्यवस्था कराने और खाताधारकों को कमीशन देने वाले नेटवर्क में शामिल था. जांच के अनुसार खातों से होने वाले लेन-देन के आधार पर करीब 2.8 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही जाती थी.

आशीष तिवारी ने नरेन्द्र के कहने पर बैंक खाता खुलवाकर उपलब्ध कराया. पुलिस के मुताबिक देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन ने उसके मोबाइल में आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड किए और खाते का ऑनलाइन गतिविधियों में इस्तेमाल किया. इसके बदले आशीष को 25 हजार रुपये कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई है. देवेश पर उपलब्ध कराए गए बैंक खातों की जानकारी लेकर उनमें एप्लीकेशन डाउनलोड करने और ऑनलाइन ठगी संबंधी गतिविधियों में इस्तेमाल कराने की भूमिका सामने आई है.

11 राज्यों में शिकायतें

पुलिस जांच में अजय कुमार सोनी के खाते के खिलाफ चंडीगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से 21 शिकायतें मिलीं. भास्कर कश्यप के खाते से संबंधित 24 शिकायतें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, बिहार, दिल्ली, गोवा, गुजरात और तमिलनाडु से मिली हैं.

इसी तरह नरेन्द्र कुर्रे के खाते के संबंध में कर्नाटक और मध्यप्रदेश से दो तथा आशीष तिवारी के खाते के संबंध में उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल से तीन शिकायतें मिली हैं. इस तरह कुल 50 शिकायतें सामने आई हैं.

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग सामग्री जब्त की है. आरोपियों के आपसी संपर्क, बैंक खातों के लेन-देन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण जारी है. पुलिस को इस नेटवर्क में और लोगों के जुड़े होने की आशंका है.

कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई. थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक और रेंज साइबर थाना के स्टाफ की भूमिका रही.

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