बिलासपुर के अपोलो अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम का एक्शन! इनकम का ब्यौरा खंगाल रही, दो दिनों से कार्रवाई जारी
अपोलो अस्पताल, बिलासपुर (फाइल फोटो)
Bilaspur Apollo Hospital Health Department Action: बिलासपुर के अपोलो अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम की कार्रवाई जारी है. पिछले दो दिनों से रायपुर और बिलासपुर के 50 ज्यादा से अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई में जुटे हुए हैं. मरीजों के इलाज करने की हिस्ट्री और आय-व्यय का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है. इसके साथ ही टीम हॉस्पिटल में विवाद, मरीजों की सुविधा और एंबुलेंस जैसी सुविधा को लेकर भी जांच की जा रही है. कांग्रेस पार्टी लगातार प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाती रही है.
एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका मरीज
अपोलो अस्पताल से मरीज को एयरलिफ्ट करने के मामले में लापरवाही सामने आयी थी. दरअसल, PWD विभाग में तैनात राजकुमार अग्रवाल करीब 12 दिन पहले दोस्तों के साथ पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता घूमने गए थे. इस दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद वे बिलासपुर लौट आए और स्थानीय डॉक्टर्स से इलाज कराया. उपचार के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिला. सेहत में सुधार नहीं होने के बाद उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां भी उन्हें विशेष राहत नहीं मिली. इसके बाद परिजनों ने 13 लाख रुपये खर्च करके हैदराबाद के लिए एयर एंबुलेंस बुक की.
एयर एंबुलेंस बुधवार (8 जुलाई) को शाम 7 बजे बिलासपुर एयरपोर्ट पहुंच गई. परिजनों ने अस्पताल से हवाई अड्डे तक मरीज को ले जाने के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस की मांग की लेकिन प्रबंधन ने व्यवस्था नहीं कराई. मरीज को लेकर परिवारवाले जब वहां पहुंचे तो उनकी तबीयत बिगड़ चुकी थी. डॉक्टर्स की टीम ने उन्हें हैदराबाद ले जाने से मना कर दिया और दोबारा मरीज को अपोलो में ही भर्ती करना पड़ा.
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फर्जी डॉक्टर मामले में अस्पताल को क्लीन चिट
फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जॉन कैम पर बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में कार्यरत रहते हुए गलत तरीके से इलाज करने का दोषी पाया गया था. बताया जा रहा है कि उसने खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर कई एंजियोप्लास्टी और एंजियोग्राफी की थी. करीब 27 मरीजों की जान चली गई थी. इस मामले में पुलिस ने जांच करते हुए अस्पताल प्रबंधन को क्लीन चिट दी थी.