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CG Crime News: बुरखा पहनकर घर में डकैती डालने वाले गिरोह को छत्तीसगढ़ पुलिस ने पकड़ा, मिली पिस्टल

CG Crime News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में इन दिनों अपराधियों के हौसले बुलंद थे, लेकिन खाकी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं. बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘चेतना विरुद्ध नशा व प्रहार अभियान’ के तहत कोटा पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने इलाके में लूट और नकबजनी से सनसनी फैला दी थी. पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में इस गिरोह के सभी 6 शातिर आरोपियों को धर दबोचा और शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया.

सन्नाटे में चीखती साजिश और रेलवे कर्मचारी पर हमला

कहानी की शुरुआत होती है 8 जुलाई 2026 से. बेलगहना रेलवे स्टेशन से दिनभर का कलेक्शन लेकर एक रेलवे कर्मचारी अपनी बाइक से लौट रहा था. रास्ते में सलका डैम के पास बड़े बराबर मोड़ के पास सन्नाटा था. तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया और बैग झपटकर उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया. बैग में 7430 रुपये की नकदी थी. इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया. थाना कोटा में फौरन अपराध क्रमांक 559/2026 दर्ज कर मामले की सुई घूमना शुरू हुई.

बुरखे की आड़ में खौफनाक वारदात

अभी पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझा ही रही थी कि 18 जुलाई 2026 को कोटा के फिरंगीपाड़ा इलाके में एक और सनसनीखेज वारदात ने सबको चौंका दिया. प्रार्थी राजकुमारी जायसवाल अपने घर पर थीं, तभी कुछ अज्ञात बदमाश बुरखा पहनकर घर में घुस आए. बदमाशों ने आते ही एयर गन (पिस्टल) की नोंक पर उन्हें डराया-धमकाया, उनके साथ मारपीट की और घर में रखे सोने के जेवरात-तीन फल लॉकेट और दो गेहूं दाना (कीमती लगभग 50,000 रुपये) लूटकर फरार हो गए. इस गंभीर मामले में थाना कोटा में धारा 332(बी), 309(6), 310(2), 317(5) बीएनएस और 25,27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया.

मास्टरमाइंड राकेश की खौफनाक प्लानिंग

पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था. इन दोनों वारदातों का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मंझगांव का रहने वाला राकेश जायसवाल निकला. राकेश ने अपने शातिर दोस्तों दिव्यांश जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर पूरे शहर में खौफ का साम्राज्य फैलाने की योजना बनाई थी.

वारदात को अंजाम देने के लिए हथियारों की जरूरत थी. इसके लिए उन्होंने सनी सिंह से संपर्क किया. सनी ने मध्य प्रदेश के रीवा जाकर अपने भाई से एक अवैध पिस्टल मंगवाई और इन बदमाशों को उपलब्ध कराई. इसके बाद राकेश, आदर्श और दिव्यांश ने मिलकर दोनों वारदातों को अंजाम दिया. हद तो तब हो गई जब लूटे हुए सोने के गहनों को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने हर्ष नामदेव की मदद ली. हर्ष नामदेव ने इन गहनों को हर्ष सोनी के पास बेचा, जो खुद एक ज्वेलरी दुकान चलाता है.

खाकी का शिकंजा

लगातार दो बड़ी वारदातों के बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. मुखबिर की सटीक सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी. पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट के सभी छह मोहरों-राकेश जायसवाल, दिव्यांशु जायसवाल, आदर्श तिवारी, हर्ष नामदेव, हर्ष सोनी और सनी सिंह- को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल 01 नग पिस्टल, लूटे गए सोने के आभूषण, एक अर्टिका कार (क्रमांक सीजी 10 बीएल 1645), एक प्लेटिना मोटरसाइकिल (क्रमांक सीजी 10 ईएन 4637) और 06 नग मोबाइल समेत 100 प्रतिशत मशरूका बरामद कर लिया. सभी आरोपियों को विधिवत मेमोरेंडम कथन के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

इस ब्लाइंड केस और लूट जैसे जटिल मामलों को सुलझाने में निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, सहायक उपनिरीक्षक शिव कुमार साहू, भरत राठौर, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू और संजय श्याम की भूमिका बेहद सराहनीय रही. एसएसपी रजनेश सिंह ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी पुलिस टीम को नगद इनाम देने की घोषणा की है.

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