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अधिकारी पर FIR, अकेले मिलकर खुश करने…डबल मीनिंग बातें करने का आरोप

DU Student rape iN lucknow

लखनऊ में डीयू की छात्रा के साथ तीन दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म (फाइल फोटो)


सारंगढ़. नगर पंचायत बिलाईगढ़ के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत देवांगन के खिलाफ महिला सफाई कर्मियों से कथित छेड़छाड़, लैंगिक उत्पीड़न और सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना के आरोप में बिलाईगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने यह कार्रवाई एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी मोहन लाल साहू की शिकायत पर 1 अक्टूबर को की. पूर्व सीएमओ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75(1) और 336(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

 पुलिस के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यशवंत देवांगन ने ‘जय मां समलाई महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ी महिला सफाई कर्मियों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकतें कीं. मामले की प्रारंभिक जांच एसडीएम के निर्देश पर गठित दल ने की थी. जांच दल ने 10 सितंबर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आरोपी के कृत्य को गंभीर लैंगिक उत्पीड़न, छेड़छाड़, कूटरचना और अनुशासनहीनता की श्रेणी में बताया गया.

महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप

जांच के दौरान महिला सफाई कर्मियों ने तत्कालीन सीएमओ पर कई गंभीर आरोप लगाए. महिलाओं के अनुसार, वह उनसे कथित तौर पर द्विअर्थी बातें करता था. एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे अकेले मिलने और उसे ‘खुश करने’ के लिए दबाव बनाया जाता था. वहीं, कंधे पर हाथ रखने और अश्लील हरकत करने के भी आरोप लगाए गए हैं. महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया. ऐसा नहीं करने पर नौकरी से हटाने की कथित धमकी और साजिश की बात भी जांच में सामने आई.

पीआईसी एजेंडे में कूटरचना का आरोप

मामले में सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया गया है. शिकायत के अनुसार, पीआईसी बैठक के पूर्व निर्धारित एजेंडे में क्रमांक 21 पर वार्ड क्रमांक 3 में पचरी निर्माण पर चर्चा प्रस्तावित थी. आरोप है कि इस एजेंडे में बदलाव कर महिला स्व-सहायता समूह का अनुबंध समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव दर्ज कर दिया गया. नगर पंचायत अध्यक्ष और परिषद लिपिक के बयानों के आधार पर जांच में इस संबंध में भी तथ्य सामने आने का उल्लेख किया गया है.

शिकायत के बाद भुगतान का भी जिक्र

जांच में यह भी सामने आया कि महिलाओं द्वारा शिकायत किए जाने के बाद 27 अगस्त को समूह की 8 लाख 96 हजार रुपये की लंबित राशि का भुगतान किया गया. हालांकि, ‘वूमेन फॉर ट्री’ योजना की राशि अब भी लंबित होने की बात कही गई है. शिकायतकर्ताओं ने भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए हैं.

SDM की जांच के बाद पुलिस कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने 27 अगस्त को जांच दल गठित किया था. दल ने संबंधित महिलाओं और अधिकारियों के बयान दर्ज करने के बाद 10 सितंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी. रिपोर्ट में तत्कालीन सीएमओ पर लगाए गए आरोपों को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की गई. इसी रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर अब बिलाईगढ़ पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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