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CG News: शिक्षक पोस्टिंग धांधली में तत्कालीन जेडी को सिर्फ 1% पेंशन कटौती की सजा

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CG News: बिलासपुर. शिक्षक पदोन्नति के बाद पदस्थापना में हुई अनियमितता के मामले में तत्कालीन संयुक्त संचालक (जेडी) एसके प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई तो हुई, लेकिन सजा की अवधि और कटौती की मात्रा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जांच में पद के दुरुपयोग और गंभीर कदाचार के आरोप साबित होने के बावजूद सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन से केवल एक प्रतिशत राशि की कटौती दो वर्ष तक करने की शास्ति दी गई है. स्कूल शिक्षा विभाग ने 22 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है. (Teacher posting scam Chhattisgarh)

मामला संभाग के अंतर्गत विभिन्न जिलों में सहायक शिक्षक से शिक्षक व प्राथमिक स्कूल प्रधान पाठक तथा शिक्षक से मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पद पर हुई पदोन्नति के बाद की पदस्थापना से जुड़ा है. शासन के निर्देश के अनुसार पदोन्नत शिक्षकों की काउंसलिंग कर रिक्त स्कूलों में पदस्थापना दी गई थी. पदस्थापना आदेश जारी होने के बाद तत्कालीन प्रभारी संयुक्त संचालक एसके प्रसाद के कार्यकाल में नियमों के विपरीत बड़ी संख्या में पदांकन आदेशों में संशोधन किया गया.

बताया गया कि करीब साढ़े पांच सौ शिक्षकों के पदांकन आदेश में संशोधन किया गया था. शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई. प्रारंभिक जांच में शिक्षकों को मनमाने तरीके से पदस्थ किए जाने की पुष्टि हुई. इसके आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्कालीन जेडी एसके प्रसाद को 19 जुलाई 2023 को निलंबित कर दिया था. इसके बाद 15 सितंबर 2023 को उन्हें विभागीय आरोप पत्र जारी किया गया. (Teacher posting scam Chhattisgarh)

जांच में आरोपों की हुई पुष्टि

मामले की नियमित विभागीय जांच के लिए अपर संचालक, एससीईआरटी रामपुर जेपी रथ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था. जांच अधिकारी की रिपोर्ट में तत्कालीन संयुक्त संचालक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई. जांच में उनका कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाया गया.

निलंबन के खिलाफ एसके प्रसाद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट द्वारा 14 दिसंबर 2023 और 17 जनवरी 2024 को पारित आदेशों के परिपालन में उन्हें बहाल कर लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया था. हालांकि विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी रही.

पीएससी की सहमति के बाद जारी हुआ आदेश

जांच प्रतिवेदन, संबंधित अधिकारी के प्रतिवाद और संचालक लोक शिक्षण के अभिमत का परीक्षण करने के बाद राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के तहत दंड निर्धारित किया. इस निर्णय पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर ने भी 10 सितंबर को सहमति प्रदान की.

इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव निकोदिमुस एक्का ने 22 सितंबर को आदेश जारी किया. आदेश के अनुसार सेवानिवृत्त अधिकारी एसके प्रसाद की पेंशन में से एक प्रतिशत राशि की कटौती आगामी दो वर्षों की अवधि के लिए की जाएगी. विभागीय जांच में गंभीर आरोपों की पुष्टि होने के बाद भी दंड के रूप में केवल एक प्रतिशत पेंशन कटौती किए जाने से शिक्षक पोस्टिंग मामले में कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

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