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CG Politics News: भाजपा विधायक ने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष को भेजा मानहानि का नोटिस

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फाइल फोटो

CG Politics News:  बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा में एक मानहानि के नोटिस से मामला गर्मा गया है. यह नोटिस किसी आम आदमी ने नहीं बल्कि बेलतरा के भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष और सरपंच को भेजा है. 

मामला भाजपा के बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला और कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष एवं सेलर गांव के सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर के बीच का है. सरपंच ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट डालकर विधायक पर प्रशासनिक अमले पर दबाव बनाकर खड़ी फसल के रहते अवैध रूप से खेती की जमीन नपवाने के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके जवाब में विधायक ने मानहानि का लीगल नोटिस भेज दिया है. दरसअल, सरपंच के भाई की ऐश ब्रिक्स की फैक्ट्री है जिसका कुछ हिस्सा कथित रूप से सरकारी जमीन पर है.

 सेलर के सरपंच और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय सिंह ठाकुर ने 18 सितंबर को फेसबुक पर एक पोस्ट डाली. लिखा कि नियम के मुताबिक 15 जून के बाद फसल कटाई तक किसी भी जमीन का सीमांकन नहीं किया जाता है. सरपंच के मुताबिक, जब तहसीलदार मनीषा झा और पटवारी रवि डोंगरे अचानक उनके घर पहुंचे और जमीन नापने की बात कही, तो उन्होंने इसका विरोध किया. सरपंच का आरोप है कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि विधायक सुशांत शुक्ला का बहुत दबाव है. इस पोस्ट में सरपंच ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ पहले से दर्ज आपराधिक मामलों के पीछे भी विधायक का राजनीतिक रसूख और हाथ रहा है. कानूनी नोटिस के बाद बेलतरा क्षेत्र का राजनीतिक पारा चढ़ गया है और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच घमासान और तेज होने की चर्चा है.

अपने फेसबुक पोस्ट में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि उस पर तीन एफआईआर करवाई गई. जिसमें से एक में हाईकोर्ट के निर्देश पर नाम कटा, दूसरे एफआईआर को हाईकोर्ट ने क्वेश कर दिया और तीसरे मामले में भी हाईकोर्ट ने स्टे दिया हुआ है. 

केशरवानी का किया था प्रचार, राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी का भतीजा है सरपंच

इस पूरे घटनाक्रम को केवल एक जमीन के विवाद के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक तार जुड़े हैं. दरअसल, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय सिंह ने पिछले विधानसभा चुनाव में बेलतरा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी विजय केशरवानी के पक्ष में खुलकर चुनाव प्रचार किया था. वहीं, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि धनंजय सिंह, विधायक सुशांत शुक्ला के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले बिल्हा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष विक्रम सिंह ठाकुर के भतीजे हैं. दरअसल, विक्रम भी बेलतरा विधानसभा से टिकट की दौड़ में शामिल थे. यही वजह है कि इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा गरमा गई है.

विधायक का पलटवार: 48 घंटे का अल्टीमेटम और मानहानि नोटिस

कांग्रेस नेता द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए गंभीर आरोपों को भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने बेहद आक्रामक तरीके से लिया है. विधायक की ओर से ‘ट्रस्ट लॉ एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स’ के माध्यम से सरपंच धनंजय सिंह को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि विधायक सुशांत शुक्ला का इस राजस्व या सीमांकन प्रक्रिया से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है. सीमांकन स्वतंत्र प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तय नियमों के तहत किया जाता है. सरपंच द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे, निराधार, भ्रामक और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं, जिनका मकसद जनता के बीच विधायक की छवि को धूमिल करना है. सरपंच को 48 घंटे के भीतर सोशल मीडिया से वह पोस्ट हटाने और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की चेतावनी दी गई है. यदि तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के तहत सिविल और क्रिमिनल मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.

बगैर सीमांकन के लौट आया था पटवारी 

पटवारी डोंगरे ने पंचनामा तैयार किया, जिसमें बताया कि तहसीलदार के मौखिक आदेश पर खसरा नंबर 120/1, रकबा 11.850 भूमि की स्थल जांच करने आए हैं, लेकिन धान की फसल लगी है, इसलिए अकेले भूमि का मौका मिलान नहीं कर सकते. टीम का गठन कर मौका जांच या सीमांकन किया जा सकेगा.

चुप्पी को कमजोरी समझा गया इसलिए उठाया ये कदम

मामले में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने मीडिया को बताया कि मुझ पर मिथ्या आरोप लगाकर चरित्र चित्रण किया गया है इसलिए विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है. बहुत दिनों से बर्दाश्त कर रहा था. मेरी चुप्पी को कमजोरी समझा जा रहा था. इसलिए ये कदम उठाना पड़ा.प्रशासन अपना काम कर रहा है. इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप वाली बात नहीं है. राजनीतिक जीवन में इस तरह का दुस्साहस नहीं किया जाना चाहिए. ऐसे आरोप लगाने वाले सभी लोगों को नोटिस भेजा जाएगा.

जानिए क्या लिखा है कांग्रेस नेता ने फेसबुक पोस्ट में

“मैंने सुना था या जहां तक मेरी जानकारी है 15 जून के बाद फसल काटने तक किसी भी जमीन का सीमांकन नहीं होता कल सुबह जब सो के उठाता हूं तो पटवारी साहब घर में बैठे मिलते हैं और बोलते हैं कि भैया आपके जमीन का नाप करना है मैं बोला कैसे कोई शिकायत है तो बोले नहीं भैया तहसीलदार मैडम श्रीमती मनीषा झा का मौखिक आदेश है मैने मैडम को फोन लगाया और बोला कि कैसे मैडम कैसे जांच करना है तो बोली आपके जमीन का जांच करना है फिर वह स्वयं मौके पर पहुंची जहां मैं उनसे कहा कि अभी तो धान लगा हुआ है कैसे जांच करेंगी और बिना मेरी परमिशन के मेरी जमीन का जांच तो बोली भैया विधायक का बहुत दबाव है विधायक सुशांत शुक्ला बार-बार मुझे प्रेशराइज कर रहे हैं आपकी जमीन् को नापने के लिये तो मैने कहा आप परेशान ना हो फसल काटने के बाद मै खुद आवेदन करूंगा की मेरी समस्त ज़मीन की नाप की जाये इसके बावजूद मेरी जमीन को नापना हि है ऐसा जिद्द करने लगी तो मैने खुद हि आदमी बुलाकर उनके इस पुनीत कार्य मे सहयोग किया  इससे पहले मेरे ऊपर तीन अपराधिक मामले दर्ज हुए हैं जिनमें से एक में जांच के दौरान मेरा नाम न्यायालय के आदेश से काटा गया एक fir  को Highcourt ने क्वेज किया और एक fir  पर हाइकोर्ट से स्टे है इन तीनों fir में मेरा सीधा आरोप है यह भी सुशांत शुक्ला विधायक बेलतरा के द्वारा अपने राजनीतिक रसुख का दुरुपयोग करके मेरे ऊपर कराया गया सत्ताधीस यह याद रखें की सत्ता बदलती है सत्ता किसी के बाप की जागीर नहीं है मैं विगत चार पंचवर्षीय से ग्राम पंचायत सेलर का संचालन कर रहा हूं दो बार सेवा सहकारी समिति का अध्यक्ष रह चुका हूं  दो बार से सरपंच संघ बिल्हा का निर्विरोध् अध्यक्ष हूं वर्तमान में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष के पद पर हूं यह कृत्य केवल राजनीतिक दूरभावना वश मेरे खिलाफ की जा रही है चलिए देखते है अभी 2 साल मे और क्या क्या होता है अभी सहन करने की शक्ति खत्म नही हुई है, सब याद रखा जाएगा”

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