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शासकीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबरः ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

bilaspur high court

बिलासपुर हाई कोर्ट

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh Highcourt) ने नगर निगम भिलाई-चरौदा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी अंकित यादव की तबादले के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है. कर्मचारी ने 31 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसका तबादला भिलाई-चरौदा नगर निगम से राजनांदगांव नगर निगम किया गया था. उसने रायपुर नगर निगम में पदस्थापना की मांग की थी.

मामले की सुनवाई जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की अदालत में हुई. याचिकाकर्ता का कहना था कि उसकी मूल नियुक्ति रायपुर नगर निगम में सहायक ग्रेड-3 के रूप में हुई थी. इसके बाद सितंबर 2021 में उसे रायपुर से रिसाली और सितंबर 2025 में रिसाली से भिलाई-चरौदा स्थानांतरित किया गया. दोनों स्थानों पर उसे स्वीकृत पदों की संख्या से अधिक कर्मचारी बताया गया. इसके बाद उसने मूल संस्था रायपुर नगर निगम में वापसी की मांग की थी.

याचिकाकर्ता ने यह भी दलील दी कि बार-बार तबादले के बजाय उसकी प्रतिनियुक्ति पर विचार किया जाना चाहिए था. उसका कहना था कि रायपुर से रिसाली, फिर चरौदा और अब राजनांदगांव तबादला किए जाने से उसे लगातार स्थानांतरण का सामना करना पड़ा है. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि कर्मचारी चरौदा में अतिरिक्त था और उसने स्वयं दूसरी नगर निगम में तबादले के लिए आवेदन किया था. ऐसे में केवल यह इच्छा जताने से कि उसे रायपुर नगर निगम में पदस्थ किया जाए, उसे रायपुर में पोस्टिंग का अधिकार नहीं मिल जाता.

अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी का एक से अधिक बार तबादला होना अपने आप में अगले तबादले को अवैध नहीं बनाता. किसी कर्मचारी की पसंद की जगह पर पदस्थापना करना या न करना प्रशासनिक निर्णय का विषय है. अदालत सक्षम प्राधिकारी के प्रशासनिक निर्णय की जगह अपनी पसंद की पोस्टिंग तय नहीं कर सकती.

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कर्मचारी किसी विशेष स्थान पर तबादला किए जाने या न किए जाने की जिद नहीं कर सकता. कर्मचारी की आवश्यकता और प्रशासनिक जरूरत के अनुसार स्थानांतरण करना नियोक्ता का अधिकार है. मामले में याचिकाकर्ता ऐसा कोई आधार प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे 31 जुलाई के तबादला आदेश को कानूनी रूप से अस्थिर माना जा सके. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने रिट याचिका में कोई मेरिट नहीं पाते हुए उसे खारिज कर दिया.

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