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व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीर! नाले का पानी पीने की मजबूर माझी महिलाएं, 20 फीट नीचे खाई में उतरने पर मिलता है पानी

Ambikapur News

नाले का पानी पी रहे लोग

Ambikapur: सरगुजा जिले के मैनपाट के कुनिया ग्राम पंचायत के जंगल पारा में रहने वाले लोगों को साफ पानी पीने के लिए नहीं मिल पा रहा है. यहां के लोग नाला के किनारे छोटा सा जल स्रोत बनाकर उसके पानी को पीने के लिए उपयोग में ला रहे हैं.

20 फीट नीचे खाई में उतरने पर मिलता है पानी

इस पानी के लिए भी महिलाओं को अपने घर से निकालकर खेत के किनारे बने नाला तक जाती हैं. इस दौरान उन्हें खाई के नीचे उतरना पड़ता है. इतना ही नहीं जब शाम ढल जाता है तब अंधेरे में ही महिलाएं पानी लेने के लिए यहां पहुंचती है क्योंकि अधिकतर महिलाएं मजदूरी का काम करती है उन्हें मजदूरी से वापस लौटते तक शाम हो जाता है महिलाओं का कहना है की बरसात के दिनों में उनकी परेशानी और भी अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि जल स्रोत भी नाला में पूरी तरह से डूब जाता है.

कई बीमारियों का हो रहे शिकार

मैनपाट क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर आसपास दूसरे गांव के लोग भी परेशान रह रहे हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल की सही तरीके से उपलब्धता नहीं होने के कारण उन्हें बरसात के दिनों में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. छोटे-छोटे बच्चे दूषित पानी को पीकर बीमार होते हैं. यहां लोगों को नहाने के लिए भी साफ पानी नहीं मिल पा रहा है. इसके कारण जनजाति परिवार के लोग प्रतिदिन स्नान भी नहीं कर पा रहे हैं और ऐसे में कई प्रकार के चर्म रोग से भी पीड़ित हो रहे हैं.

यहां बोरवेल की जरूरत

दूसरी तरफ विधायक रामकुमार टोप्पो लगातार अलग-अलग क्षेत्र में लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए बड़ी संख्या में बोरवेल भी करा रहे हैं इससे लोगों को राहत की मिल रहा है. कुनिया जंगल पारा के लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्र में भी एक बोरवेल की जरूरत है. अगर यहां पर बोरवेल हो जाता है तो आसपास के 10 से 15 परिवारों को इसका सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और लोगों को खाई से उतरकर नाल में जाकर दूषित पानी पीने के लिए नहीं लाना पड़ेगा.

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