Naxalism Update: तेलंगाना से नक्सल मोर्चे से बड़ी खबर सामने आई है, जहां पर 47 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. माओवादियों के इस सामूहिक सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियां नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका मान रही है. इस असर दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी(DVC) पर भी देखने को मिल रहा है. इस हलचल के बाद से DVC लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है.
इन दो नेताओं ने की अगुआई
47 माओवादियों के इस सरेंडर की अगुआई दो बड़े नक्सली नेताओं ने की है. इनमें दक्षिण बस्तर DVC के प्रभारी हेमला आयथु उर्फ विज्जा और 9वीं बटालियन के कमांडर पोडियम लाचू उर्फ मनोज शामिल हैं. सरेंडर करने वालों में एक SCM स्तर का नेता, 3 DVCM / CyPCM स्तर के सदस्य, 24 ACM / PPCM कैडर और 19 पार्टी सदस्य शामिल हैं.
32 हथियार और कारतूस भी सौंपे
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने अपने साथ भारी मात्रा में हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं. पुलिस को कुल 32 हथियार और 515 जिंदा कारतूस मिले है. नक्सलियों ने एक LMG, 4 AK-47, 3 SLR राइफल, 2 INSAS राइफल, 12 सिंगल शॉट गन, 2 पिस्टल / रिवॉल्वर 2 BGL गन के साथ अन्य हथियार पुलिस को सौंपा. इसके अलावा 100 किलो कोर्डटेक्स वायर भी बरामद किया गया है, जिसका उपयोग विस्फोटक लगाने में किया जाता है.
अब तक 260 नक्सलियों ने किया सरेंडर
तेलंगाना पुलिस के मुताबिक, साल 2026 में अब तक 260 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि तेलंगाना मूल के अब सिर्फ 4 सक्रिय नक्सली दूसरे राज्यों में बचे हैं. पुलिस ने शेष बड़े नेताओं गणपति, संतोष, सुजाता और मंगतू से भी हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने की अपील की है.
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