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Chhattisgarh: सूरजपुर में हाथियों का आतंक जारी, दंतैल हाथियों ने बुजुर्ग दंपती को कुचलकर मारा

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बुजुर्ग दम्पती

Chhattisgarh News: सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में सोमवार सुबह करीब चार बजे दो दंतैल हाथियों ने बुजुर्ग दंपती के घर को तोड़ दिया और दोनों पति-पत्नी को पटक-पटककर मार डाला. बुजुर्ग दंपती रात को जंगल किनारे बसे घर में सो रहे थे. घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे वन अमले को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। दंपती की संतान नहीं हैं.

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत दरहोरा में सोमवार सुबह करीब चार बजे दो दंतैल हाथी विचरण करते हुए हरिधन (69) के जंगल किनारे बने घर के पास पहुंचे. घर में हरिधन और उसकी पत्नी नन्ही सो रहे थे. हाथियों ने घर की सीट को हिलाया तो डरकर दोनों घर से बाहर निकल आए. हाथियों ने दोनों को पटक-पटककर मार डाला. हाथियों ने घर को तोड़ दिया और घर में रखा अनाज खा गए.

वनअमले को लोगों के आक्रोश का करना पड़ा सामना

वहीं तोड़फोड़ और चिंघाड़ सुनकर आसपास रहने वाले लोगों ने शोर मचाया तो हाथी पास के जंगल में घुस गए. सूचना पर सुबह वनविभाग का अमला गांव में पहुंचा. वनअमले को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. हाथियों के मौजूदगी की पूर्व सूचना नहीं दिए जाने को लेकर लोगों में आक्रोश है. प्रतापपुर क्षेत्र में रेंजर एवं वन अधिकारी नहीं रहते. विभाग के अमले द्वारा भी निगरानी मे लापरवाही की जा रही है.

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कई दिनों से जंगल में डटे हैं हाथी

एसडीओ फारेस्ट अशुतोष भगत ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि वृद्ध दंपती को मारने वाले दो दंतैल हाथियों में एक सीतापुर, लुंड्रा से अंबिकापुर वनपरिक्षेत्र होते हुए कल्याणपुर के रास्ते प्रतापपुर वनपरिक्षेत्र में पहुंचा है. दूसरा दंतैल वाड्रफनगर क्षेत्र में वितरण कर रहे 34 हाथियों के दल से अलग होकर प्रतापपुर क्षेत्र में पहुंचा है. करीब 15 दिनों से हाथी गणेशपुर, सिंघरा व सरहरी के जंगल में विचरण कर रहे थे.

निःसंतान दंपती का लोगों ने किया था सहयोग

निःसंतान दंपती का घर टूट गया था, जिसे प्रतापपुर के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश मित्तल, उनके साथी जिशान खान सहित अन्य युवाओं ने पंचायत के सचिव की मदद से ठीक कराया गया था. टूटी दीवालों की मरम्मत कराकर उपर सीट लगाई गई थी. उक्त दंपती की कोई संतान नहीं होने के कारण दोनों अकेले ही घर में थे. हरिधन के जंगल किनारे बने घर के आसपास 100-100 मीटर की दूरी पर घर बने हुए हैं.

वनविभाग ने लोगों को किया सतर्क

घटना के बाद वन अधिकारियों ने हाथियों से सतर्क रहने और दूरी बनाकर रखने की हिदायत दी है. दोनों हाथी आक्रामक हैं, इनमें से एक हाथी ने 10 दिन पहले लुंड्रा क्षेत्र में एक बुजुर्ग को मार डाला था.

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