CG News: छत्तीसगढ़ के 18 साल पुराने शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है. EOW ने राजनांदगांव में स्थित विशेष न्यायालय में 38 आरोपियों के खिलाफ 1500 पन्नों की रिपोर्ट पेश की है. इसमें स्क्रीनिंग कमेटी के दो सदस्य भी शामिल हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ जनपद पंचायत में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के 135 पदों पर भर्ती से जुड़ा है. भर्ती प्रक्रिया के दौरान 123 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था. जानकारी के मुताबिक इनमें से 89 चयनितों ने फर्जी दस्तावेज पेश किए. इनमें एक्सपीरिएंस सर्टिफिकेट, स्पोर्ट्स, NCC और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े हैं. शिकायत के आधार पर EOW ने शिकायत दर्ज की और जांच शुरू कर दी. इनमें से 39 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई, जिनमें से 38 उम्मीदवार के दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए गए. इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों पर आरोप
जांच में सामने आया कि स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने अपने पद का दुरुपयोग किया. अभ्यर्थियों से सांठगांठ करके भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया. फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों को स्वीकारा गया, अनुचित अंक दिए गए. इस मामले में शामिल तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है. ईओडब्ल्यू ने इन आरोपियों के खिलाफ आरोप समाप्त कराने के लिए प्रतिवेदन दिया है. स्क्रीनिंग कमेटी के जिन दो सदस्यों के खिलाफ चालान पेश किया गया है, वे प्रकाश मेघाम और टीकाराम साहू हैं. जांच एजेंसी अन्य चयनित उम्मीदवारों के बारे में जांच कर रही है.
