Rajnandgaon News: एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद राजनांदगांव में असली पनीर के दाम 40 रुपए किलो तक बढ़ गए है. मांग के मुकाबले 60 फीसदी आपूर्ति घटी है. होटल और ढाबों में पनीर की शॉर्टेज हो गई है.
प्रतिबंध के बाद आपूर्ति में बाधा
राजनांदगांव में मांग के अनुरूप लगभग 60% पनीर की आपूर्ति एनालॉग पनीर से पूरी हो रही थी. यह पनीर स्थानीय स्तर पर बनने के अलावा महाराष्ट्र और बड़े पैमाने पर मध्य प्रदेश से सप्लाई होता था. सैकड़ों किलो पनीर सीधे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों में पहुंचता था. प्रतिबंध के बाद आपूर्ति रुक गई.
दुकानदारों को कार्रवाई का डर
जिले में पनीर की सबसे अधिक खपत होटल-ढाबों में है. एक दुकान से ही 20 किलो प्रतिदिन बिकता था, अब शॉर्टेज देखने को मिल रही है. दुकानदार अन्य राज्यों से आने वाला पनीर कार्रवाई के भय से नहीं ले रहे हैं. प्रतिबंध से पहले 90 रुपए पाव (250 ग्राम) मिलता था, अब 110 रुपए पाव हो गया है.
पनीर के लिए दूध की खपत बढ़ी
बड़े पैमाने पर दूसरे राज्यों से आने वाला एनालॉग पनीर बंद होने से स्थानीय पनीर शॉर्टेज है. पनीर के लिए दूध की खपत बढ़ी है. दूध आपूर्ति पूरी नहीं पड़ रही है. शहर की प्रमुख डेयरी में भैंस का दूध 60 से 66 रुपए और गाय का 50 से 56 रुपए हो गया है. 1 किलो पनीर के लिए लगभग 5 से 6 लीटर फुल क्रीम दूध लगता है, लागत लगभग 350 रुपए होती है.
एनालॉग पनीर दूध पाउडर और पाम ऑयल से बनता है, जबकि असली पनीर दूध से बनाया जाता है. मिलावट रोकने के लिए सरकार ने एनालॉग को असली डेयरी पनीर के रूप में बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
