Raipur Rowghat MEMU Train Benefits: भिलाईनगर. रायपुर-रावघाट मेमू ट्रेन केवल एक ट्रेन नहीं है बल्कि यह वनांचल के आदिवासी बच्चों की उच्च शिक्षा के सपनों को पंख देगा. वे कोचिंग के लिए रायपुर- भिलाई आसानी से आ सकेंगे. खेल प्रतिभाएं भी आ सकेंगी. आदिवासी लोककलाकार शहरों के मंच तक पहुंच सकेंगे. इसके अलावा यह शहर से लेकर बस्तर क्षेत्र के अंदरुनी क्षेत्र के कारोबार के विस्तार में सहायक सिद्ध होगा. इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
मंगलवार को शुरु हुए रायपुर-रावघाट मेमे ट्रेन को सुदूर वनांचल क्षेत्र के लोग अपने लिए मंगलकारी मान सकते हैं. वनांचल के बच्चों को अब तक उच्च शिक्षा के लिए रायपुर या भिलाई आने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी. बसों का सफर उन्हें बहुत महंगा पड़ता था. अब उनके लिए उच्च शिक्षा या बेहतर कोचिंग के लिए रायपुर या भिलाई आना बहुत सस्ता हो जाएगा. वनांचल के बच्चे अब खेलों के लिए कोचिंग लेने भी रायपुर व भिलाई तक आसानी से आ जा सकेंगे. यहां के कोच वनांचल तक जाकर खेल प्रतिभाओं को खोज सकेंगे उन्हें तराश सकेंगे. वर्तमान में बीएसपी रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर के सहयोग से हर वर्ष एक विशाल खेल मेले का आयोजन करता है जिसमें करीब 2500 बच्चों की भागीदारी रहती है.
कारोबार का फैलाव शहर से वनांचल तक
यह मेमू ट्रेन शहर के व्यापारियों की पहुंच वनांचल तक बनाएगा. इसी तरह वनांचल के वनोपज की पहुंच राजधानी तक आसान होगी. इस तरह दोनों क्षेत्र के व्यापारियों का कारोबार बढ़ेगा उन्हें एक बड़ा बाजार मिलेगा. इससे वनांचल के लोगों को अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर करने में मदद मिलेगी.
लोक कलाकारों की पहुंच शहरी मंचों तक
बीएसपी हर वर्ष लोक कला महोत्सव का आयोजन विगत कई वर्षों से कर रहा है. बीएसपी के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग की कोशिश रहती है कि आदिवासी क्षेत्र के लोककलाकारों को मंच दिया जाए. मेमू ट्रेन आदिवासी क्षेत्र के लोककलाकारों की राजधानी तक के मंचों में पहुंच आसान बनाएगा. यह मंच उन्हें आगे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचा सकता है. मैदानी इलाकों में अनेक स्थानों पर लोक कला महोत्सव का आयोजन होता है. लेकिन यहां तक वनांचल के लोककलाकारों के लिए अपने लोक वाद्यों के साथ पहुंचना आसान नहीं होता. मेमू ट्रेन इसे आसान बनाएगा.
रोजगार की तलाश में भी आ सकेंगे
वनांचल क्षेत्र के शिक्षित युवाओं के लिए अब रोजगार की तलाश के लिए रायपुर-भिलाई आना आसान होगा. वे यहां आकर तकनीकी रूप से खुद को उन्नत कर सकेंगे. जो युवा आकर रोजगार पा सकेंगे वे अपने अन्य साथियों को भी यहां आने के लिए प्रेरित कर सकेंगे. बीएसपी ने रावघाट के विस्थापितों को बड़ी संख्या में नौकरी दी है उनके लिए भी अपने घर आने जाने में सहूलियत होगी.
BSP अपनी गतिविधियां बढ़ा सकेगा
BSP मैनेजमेंट रावघाट क्षेत्र में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत कल्याणकारी और विकास कार्य संबंधी गतिविधियों का लगातार विस्तार करना चाहता है. बीएसपी ने अंतागढ़, खोड़गाँव, दंडकवन आदि में स्वास्थ्य केन्द्रों व औषधालयों की स्थापना की है. सुदूर गाँवों तक मरीजों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए डॉक्टरों व दवाओं से लैस मोबाइल मेडिकल वैन भी चला रहा है. मेमू ट्रेन से इन गतिविधियों को और विस्तारित किया जा सकेगा.
पर्यटक वनांचलों में नये स्पॉट तलाशेंगे
पर्यटकों का एक तबका है जो प्राकृतिक खूबसूरती की तलाश में वनांचल क्षेत्रों की ओर रुख करता है. ट्रैकिंग के लिए शहर से युवाओं, महिलाओं का एक बड़ा समूह पहाड़ों व जंगलों की तरफ जाता है. रावघाट का मेमू ट्रेन पर्यटकों के नए प्राकृतिक सौंदर्य की तलाश को पूरी करेगा. इससे वनांचल के लोगों को भी रोजगार मिलेगा और उनकी आर्थिक तरक्की हो सकेगी.
रामकृष्ण मिशन आश्रम ने की थी पहल
कुछ वर्षों पहले रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर ने आवासीय विद्यालय के बच्चों को भिलाई में लाकर कोचिंग दिलाने की व्यवस्था की थी. नवभारत ने तब उन बच्चों से बात की थी. उनमें पढ़ने को लेकर काफी ललक दिखी. उनके सपने बड़े थे. हालांकि तब भी बच्चों में बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को लेकर चिंता दिखती थी. अब शायद वे भी राहत महसूस कर रहे होंगे.
उपचार कराने के लिए राजधानी आना होगा आसान
सुदूर वनांचल क्षेत्र के आदिवासी लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है. उन्हें नदी नालों को पार कर किसी तरह समीप के शहरों तक आना पड़ता है. इसके चलते गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने से प्रायः वंचित रह जाते हैं. रायपुर रावघाट मेमू ट्रेन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए अब एक वरदान साबित होगा.
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