Maa Bhaneshwari Temple Singola: नवरात्रि में देशभर के देवी मंदिरों में मां दुर्गा की आराधना होती है, लेकिन राजनांदगांव के सिंघोला स्थित मां भानेश्वरी मंदिर की परंपराएं इसे खास बनाती हैं. यहां नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और वर्षों पुरानी परंपराओं का संगम है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है. संतान की कामना लेकर आने वाले कई दंपती भी माता के दरबार में मत्था टेकते हैं. सबसे खास बात यह है कि यहां नवरात्रि की शुरुआत तिथि के बजाय वार के अनुसार तय की जाती है और जंवारा बोने से लेकर ज्योति कलश के विसर्जन तक पुरुषों की विशेष भूमिका रहती है.
भानेश्वरी मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र
शहर के नजदीक ग्राम सिंघोला में स्थित मां भानेश्वरी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. नवरात्रि के दौरान यहां दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना, ज्योति कलश स्थापना और धार्मिक आयोजनों के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है. मंदिर के पास स्थित तालाब के बीच बना मां दुर्गा का मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है. इस मंदिर की सबसे खास बात यहां नवरात्रि मनाने का तरीका है.
जहां आमतौर पर नवरात्रि की शुरुआत तिथि के अनुसार होती है, वहीं सिंघोला के भानेश्वरी मंदिर में नौ दिनों का पर्व पूरा करने के लिए वार के अनुसार शुरुआत तय की जाती है. तिथि घटने या बढ़ने के बावजूद यहां नौ दिनों तक ही नवरात्रि मनाने की परंपरा है. एक और खास परंपरा है जंवारा बोने की. यहां पुरुष जंवारा बोते हैं. वहीं नवरात्रि के समापन पर ज्योति कलश विसर्जन के दौरान भी पुरुष ही कलश उठाते हैं. मंदिर की ये परंपराएं इसे दूसरे देवी मंदिरों से अलग पहचान देती हैं.
क्या है मान्यता ?
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भानेश्वरी माता का जन्म 9 मई 1911 को भानुमति के रूप में हुआ था. कहा जाता है कि किशोरावस्था में उनके जीवन में कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिनके बाद ग्रामीण उन्हें माता के रूप में पूजने लगे. तीन नवंबर 1975 को उन्होंने सिंघोला में समाधि ली. इसके बाद यहां मंदिर का निर्माण हुआ. आज यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध है.
मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है. खासकर संतान की कामना लेकर आने वाले दंपती माता के दरबार में प्रार्थना करते हैं. श्रद्धालुओं की आस्था है कि माता का आशीर्वाद उनके जीवन की परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है. नवरात्रि में यहां भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है और माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठता है.
सिंघोला का मां भानेश्वरी मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि परंपराओं और लोकआस्था की पहचान भी है. नवरात्रि मनाने का अनोखा तरीका और पीढ़ियों से चली आ रही मान्यताएं इस मंदिर को खास बनाती हैं. यही वजह है कि हर साल नवरात्रि में श्रद्धालु मां के दर्शन और आशीर्वाद के लिए यहां पहुंचते हैं.
