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रेलवे ट्रैक में बैठकर बनाते थे Reel, वायरल होने के दिल्ली तक मची गूंज… फिर इंस्पेक्टर ने ली Social Media की मदद

रायपुर/राजनांदगांव. सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता और लाइक्स के चक्कर में जान जोखिम में डालने वाले एक युवक को आरपीएफ राजनांदगांव ने पुणे से गिरफ्तार किया है. आरोपी रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के ठीक सामने बैठकर Reel बना रहा था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली तक इसकी गूंज सुनाई दी थी. इस ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए आरपीएफ ने तकनीकी जांच के साथ-साथ सोशल मीडिया का अनूठा इस्तेमाल किया. आरोपी को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया, और कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया.

क्या था पूरा मामला, देखें वो वायरल Video

पिछले दिनों राजनांदगांव क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर बैठकर दो युवकों द्वारा Reel बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. वीडियो में साफ दिख रहा था कि जब युवक ट्रैक पर बैठकर वीडियो शूट कर रहे थे, तब सामने से ट्रेन आ रही थी. इसे गंभीरता से लेते हुए 18 अगस्त 2026 को आरपीएफ थाना राजनांदगांव में अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद आरपीएफ को ये जानकारी नहीं मिल रही थी कि वीडियो कब का है, कौन सी ट्रेन का है और स्पष्ट लोकेशन कौन सा है.

इंस्पेक्टर तरुणा साहू की सोशल मीडिया अपील ने बदली दिशा

मामला दर्ज होने के बाद स्थानीय लोगों से सूचना जुटाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू ने अपने निजी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जिस पर उनके करीब 78 हजार फॉलोवर्स हैं) का उपयोग करने का फैसला किया. उन्होंने वीडियो शेयर कर आम जनता से आरोपी के बारे में जानकारी देने की अपील की. यह अपील सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई और कई जागरूक नागरिकों ने पुलिस को महत्वपूर्ण इनपुट दिए.

पुणे तक ऐसे पहुंची आरपीएफ

मुखबिर से मिले सुराग और तकनीकी टीम की मदद से रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागपुर और पुणे रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. लंबी मशक्कत के बाद आरोपी पुणे रेलवे स्टेशन पर कैमरे में कैद हुआ. आरपीएफ टीम ने लगातार लोकेशन ट्रैक करते हुए पुणे में दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा. पकड़े गए आरोपी की पहचान अजय प्रजापति (पिता संतोष प्रजापति, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम जगोरा, वार्ड नंबर 2, थाना पिथौरा, जिला महासमुंद) के रूप में हुई है. आरोपी को राजनांदगांव लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट मिलने के बाद उसे केंद्रीय जेल रायपुर दाखिल किया गया है. मामले के डिटेक्शन में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त (आईजी) मुनव्वर खुर्शीद एवं मंडल सुरक्षा आयुक्त नागपुर (डी एस सी )चेतन दिलीपराव जिचकार के मार्गदर्शन में आरपीएफ निरीक्षक तरुणा साहू, पोस्ट प्रभारी राजनांदगांव, प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवाड, प्रकाश राय सेडाम की अहम भूमिका रही.

आरपीएफ की सख्त अपील

आरपीएफ ने आम जनता से अपील की है कि रेलवे ट्रैक, यार्ड या प्रतिबंधित परिसर में Reel या वीडियो बनाना जानलेवा और गंभीर कानूनी अपराध है. थोड़े से लाइक्स के लिए अपनी जिंदगी खतरे में न डालें और ऐसी गतिविधियों से दूर रहें.

अब मांगी माफी

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