Lenskart Controversy: सोशल मीडिया से शुरू हुआ लेंसकार्ट (Lenskart) विवाद अब राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है, जहां इस मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है. ड्रेस कोड को लेकर उठे सवालों के बीच धर्म जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने शहर के एक लेंसकार्ट शोरूम में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे माहौल गरमा गया.
लेंसकार्ट शोरूम में कर्मचारियों को लगाया टीका
मंगलवार को धर्म जागरण समिति की सह संयोजिका भारती वैष्णव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शोरूम में प्रवेश कर “जय श्री राम” के नारे लगाए. इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से उनके नाम पूछे और कुछ को तिलक भी लगाया.
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई कंपनी “हिंदू विरोधी” गतिविधियों में शामिल पाई जाती है, तो उसका विरोध किया जाएगा. इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
जानें कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद इस हफ्ते की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब लेंसकार्ट की ‘एम्प्लॉई ग्रूमिंग पॉलिसी’ का एक डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसमें कर्मचारियों को बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोका गया था. इसके बाद इंटरनेट पर कंपनी के बहिष्कार की मांग उठने लगी थी.
कंपनी ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बयान जारी किया है. कंपनी ने कहा कि उसने लोगों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लिया है और अब अपने इन-स्टोर स्टाइल गाइड को स्पष्ट और पारदर्शी बनाया है.
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कंपनी के मुताबिक, नई गाइडलाइंस में सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे तिलक, बिंदी, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को मान्यता दी गई है. कंपनी ने कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उसे इसका खेद है. साथ ही भरोसा दिलाया कि आगे की नीतियां समानता और सम्मान के आधार पर बनाई जाएंगी.
