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CG News: NH-343 मरम्मत में बड़ा खेल! जेसीबी से बिछाया जा रहा डामर, वीडियो वायरल होने के बाद ठेकेदार और अफसरों पर उठे सवाल

Asphalt is being laid using a JCB.

जेसीबी से बिछाया जा रहा डामर

CG News: सरगुजा संभाग में नेशनल हाईवे के अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अंबिकापुर को झारखंड से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-343 का इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है. बरसात का मौसम नजदीक आने के बीच राजपुर क्षेत्र में सड़क की मरम्मत का काम कराया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है.

जेसीबी मशीन से फैलाया जा रहा डामर, लोग हुए हैरान

स्थानीय लोगों ने सोमवार को देखा कि सड़क पर डामर गिराने के बाद उसे जेसीबी मशीन की सहायता से सड़क पर फैलाया जा रहा है. यह दृश्य देखकर लोग हैरान रह गए. लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.

कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम से की शिकायत

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने राजपुर एसडीएम से शिकायत की है. उन्होंने मांग की है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 5 जून को राजपुर में सांकेतिक चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. नेताओं का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है.

अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी से परेशान लोग

नेशनल हाईवे के इंजीनियरों और ठेकेदारों की कथित मनमानी के कारण राजपुर के लोग परेशान दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर घटिया तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिकायतों के बावजूद नेशनल हाईवे के अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं रह गया है.

600 करोड़ की परियोजना पर उठ रहे सवाल

अंबिकापुर को झारखंड से जोड़ने वाली नेशनल हाईवे परियोजना का निर्माण लगभग 600 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. बलरामपुर से रामानुजगंज तक तथा अंबिकापुर से राजपुर तक सड़क निर्माण कार्य को दो हिस्सों में बांटा गया है. इतना ही नहीं, ठेका लेने वाली कंपनियों ने निर्माण कार्य को आगे पेटी ठेके पर दे दिया है. आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से पेटी ठेकेदार घटिया गुणवत्ता का निर्माण कार्य कर रहे हैं और निर्धारित एस्टीमेट को दरकिनार कर खुलेआम काम किया जा रहा है.

क्वालिटी मॉनिटरिंग भी सिर्फ कागजों तक सीमित!

हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने एक निजी कंपनी से भी अनुबंध किया हुआ है. इस कंपनी की जिम्मेदारी ठेकेदार के कार्यों का आकलन और गुणवत्ता की निगरानी करना है. हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरी व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है. उनका कहना है कि नेशनल हाईवे के अधिकारी मॉनिटरिंग के नाम पर केवल मौके पर पहुंचते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और वापस लौट जाते हैं.

निर्माण में गड़बड़ी के गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बलरामपुर से रामानुजगंज तक किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं. नई सड़क निर्माण के लिए जितनी गहराई और चौड़ाई में खुदाई कर प्रारंभिक निर्माण सामग्री डाली जानी चाहिए, उससे कम गहराई और चौड़ाई में ही मिट्टी, मुरम और गिट्टी डाली जा रही है. इससे सड़क की गुणवत्ता और मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण लंबे समय से परेशानी झेलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि क्षेत्र में गुणवत्ता वाली टू-लेन सड़क का निर्माण होगा. लेकिन जिस प्रकार से निर्माण कार्य किया जा रहा है, उससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर असंतोष जताया है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधरी तो क्षेत्र में जनआक्रोश और अधिक बढ़ सकता है.

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