रायपुर. रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने “बने खाबो, बने रहिबो 2.0” सात दिवसीय विशेष अभियान के तहत खाद्य प्रतिष्ठानों पर जांच अभियान तेज कर दिया है. पिछले दो दिनों में प्रदेशभर में मिठाई दुकानों, होटल, डेयरी, बेकरी, कन्फेक्शनरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई. इस दौरान मिठाई, पनीर, घी, खोवा, लड्डू, पेड़ा, बर्फी, कलाकंद, रसगुल्ला समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए.
अभियान के दौरान दुर्ग के बैकुंठ धाम पावर हाउस स्थित मुस्कान फूड प्रोडक्ट में खाद्य अनुज्ञप्ति अथवा पंजीयन नहीं पाए जाने पर परिसर सील कर दिया गया. यहां से मैसूर पाक और बेसन बर्फी के नमूने लिए गए. दुर्ग के इंदिरा मार्केट क्षेत्र में भी डेयरी और मिठाई दुकानों की जांच कर घी का नमूना लिया गया.
बिलासपुर में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण पाए जाने पर श्रीराम स्वीट्स का लाइसेंस निलंबित कर प्रतिष्ठान बंद कराया गया. यहां करीब 15 किलो बर्फी नष्ट कराई गई. बलौदाबाजार में करीब 5 किलो अवमानक चिकन उत्पाद और 10 किलो खराब बूंदी नष्ट कराई गई. सारंगढ़-बिलाईगढ़ में बासी होने की आशंका पर करीब एक किलो चमचम नष्ट कराया गया.
21 पेटी बिना लेबल सोनपापड़ी जब्त
सरगुजा में आवश्यक लेबल संबंधी जानकारी के बिना रखी गई 21 पेटी सोनपापड़ी जब्त की गई. कोंडागांव में संदेह के आधार पर पनीर और मिठाइयों के चार विधिक नमूने लिए गए. नारायणपुर में सोनपापड़ी और नमकीन के नमूने लिए गए, जबकि कोरबा के कटघोरा क्षेत्र की दो डेयरियों से पनीर के विधिक नमूने संकलित किए गए.
सूरजपुर में डेयरियों में पनीर का आयोडीन परीक्षण किया गया. जांचे गए नमूनों में स्टार्च की मौजूदगी नहीं मिली. सुकमा में मिठाइयों के स्रोत, एनालॉग पनीर तथा स्किम्ड मिल्क पाउडर और वनस्पति तेल से तैयार मिठाइयों की जांच की गई. जांच के दौरान कोई संदिग्ध उत्पाद नहीं मिला.
रायपुर समेत विभिन्न जिलों के थोक बाजारों से घी, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए. कांकेर, कबीरधाम, बस्तर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, धमतरी, बलरामपुर और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत अन्य जिलों में भी निरीक्षण और नमूना कार्रवाई की गई.
मिलावट और स्वच्छता पर विशेष निगरानी
अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को अखाद्य या प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल नहीं करने, अखबारी कागज में खाद्य पदार्थ नहीं परोसने, मिठाइयों पर आवश्यक लेबल और निर्माण तिथि अंकित करने, खाद्य सामग्री को ढककर रखने तथा स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. साथ ही खाद्य अनुज्ञप्ति और पंजीयन को अद्यतन रखने के लिए भी कहा गया.
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां कारोबारियों को निर्देश और सुधार सूचना दी जा रही है. वहीं गंभीर अनियमितता मिलने पर परिसर सील करने, लाइसेंस निलंबित करने, खाद्य सामग्री जब्त करने और उसे नष्ट कराने जैसी कार्रवाई जारी रहेगी.
विभाग ने उपभोक्ताओं से की अपील
विभाग ने उपभोक्ताओं से रक्षाबंधन पर मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय लेबल, निर्माण तिथि, स्वच्छता और प्रतिष्ठान की विश्वसनीयता की जांच करने की अपील की है. विभाग ने बिना लेबल या संदिग्ध खाद्य पदार्थों की खरीद से बचने और किसी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित विभाग को सूचना देने की भी अपील की है.
CG Big Breaking News:विवाद के बाद बीएससी एग्रीकल्चर का एंटोमोलॉजी पेपर रद्द, अब दोबारा होगी परीक्षा
