Raipur News: रायपुर। अष्टम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, रायपुर की पीठासीन अधिकारी श्रीमती एकता अग्रवाल ने सड़क दुर्घटना में 23 वर्षीय युवक टोपुदास सतनामी की मौत के मामले में मृतक के माता-पिता के पक्ष में 16 लाख 44 हजार रुपए का मुआवजा स्वीकृत किया है। अधिकरण ने मुआवजा राशि पर दावा प्रस्तुत करने की तारीख से भुगतान तक 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी आदेश दिया है।
ये पूरा मामला 29 अप्रैल 2024 का हैं। अधिकरण के अनुसार ग्राम बंजारी के मुख्य मार्ग पर शासकीय हाईस्कूल के सामने राखड़ से भरा एक ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान ट्रक क्रमांक सीजी-04-पीके-8373 के चालक उमेश साहू ने वाहन को तेज एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए खड़े ट्रक क्रमांक सीजी-06-जीजेड-9688 को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद राखड़ से भरा ट्रक पलट गया और उसमें सवार टोपुदास सतनामी की राखड़ में दबने से मौत हो गई। घटना के संबंध में पुलिस ने अपराध दर्ज किया था।
मृतक के माता-पिता जतीराम और विश्वंतिन बाई ने मोटरयान अधिनियम की धारा 166 के तहत 44 लाख 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग की थीं। उन्होंने बताया कि टोपुदास अविवाहित था और ट्रक चालक के रूप में काम करता था। दावा पक्ष ने उसकी मासिक आय 20 हजार रुपए बताई थीं। हालांकि,कोर्ट के समक्ष आय के समर्थन में वाहन मालिक या अन्य दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
बीमा कंपनी ने कोर्ट में दिया ये तर्क
बीमा कंपनी ने दुर्घटना के लिए मृतक की भी लापरवाही होने का तर्क दिया था। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि दुर्घटना में शामिल दूसरे वाहन के चालक, स्वामी और बीमाकर्ता को पक्षकार नहीं बनाया गया है। हालांकि,अधिकरण ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने माना कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक सड़क के किनारे खड़ा था और बीमा कंपनी इस बात का पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी कि वह बिना किसी संकेत या चिन्ह के सड़क के बीचोंबीच खड़ा था।
अधिकरण ने यह भी पाया कि दुर्घटना के समय ट्रक का बीमा प्रभावी था। वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और प्राधिकरण प्रमाणपत्र भी वैध थे। चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी प्रभावी पाया गया। इसलिए बीमा शर्तों के उल्लंघन का आरोप प्रमाणित नहीं हुआ और मुआवजे की जिम्मेदारी बीमा कंपनी पर तय की गई।
16.44 लाख रुपए का मुआवजा तय
न्यायालय ने मृतक की उम्र 23 वर्ष और उसकी अनुमानित मासिक आय 10 हजार रुपए मानते हुए भविष्य की संभावनाओं के आधार पर 40 प्रतिशत वृद्धि की। इसके बाद वार्षिक आय 1.68 लाख रुपए निर्धारित की गई। मृतक अविवाहित होने के कारण व्यक्तिगत खर्च के लिए आधी राशि घटाने के बाद आश्रितों की वार्षिक आय-हानि 84 हजार रुपए मानी गई। 18 के गुणांक के आधार पर आश्रितता की क्षति 15.12 लाख रुपए निर्धारित की गई।
इसके अलावा अंत्येष्टि व्यय के लिए 18 हजार रुपए, संपदा की हानि के लिए 18 हजार रुपए तथा माता-पिता को साहचर्य की हानि के लिए कुल 96 हजार रुपए निर्धारित किए गए। इस प्रकार कुल मुआवजा 16 लाख 44 हजार रुपए तय किया गया।
