CG Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथा दिन था. प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फर्जी ग्रामसभाओं का मामला उठाया. कथित फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के आधार पर उद्योगों की स्थापना के सवाल पर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया.
ध्यानाकर्षण के दौरान कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने बस्तर संभाग में महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संभाग की कई पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। गड़बड़ी करने वाले विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
CG Monsoon Session Live: विधानसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 तक के लिए स्थगित की गई.
CG Monsoon Session Live: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने बताया कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक का छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है और अब इसके नियमों का प्रकाशन भी जल्द किया जाएगा.
गृहमंत्री ने कहा, “विधेयक के राजपत्र में प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. यह पहला चरण था, अब दूसरा चरण यानी नियमों का प्रकाशन भी जल्द होगा” बस्तर की स्थिति का उल्लेख करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद बस्तर में वर्ग संघर्ष खड़ा करने में सफल नहीं हो सका, लेकिन धर्मांतरण की वजह से गांवों में धर्म आधारित संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई है. उन्होंने कहा, “जो काम माओवाद नहीं कर सका, वह धर्मांतरण ने कर दिया”
CG Monsoon Session Live: नवा रायपुर सेवाग्राम के मुद्दे पर सदन में भिड़े भूपेश बघेल-अजय चंद्राकर
विधानसभा में नवा रायपुर के सेवाग्राम परियोजना को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सेवाग्राम पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए इसे “एक व्यक्ति विशेष की स्वेच्छाचारिता” का परिणाम बताया. इस टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन का माहौल गरमा गया.
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सेवाग्राम बनाने का निर्णय 10 मार्च 2022 को लिया गया था. परियोजना का उद्देश्य महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर ग्राम की अवधारणा को साकार करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कारीगरों को प्रशिक्षण देना है.
इस मुद्दे पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल और अजय चंद्राकर भिड़ गए. इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि – अध्यक्ष की अनुमति से मैं सदन में बोलने खड़ा हुआ था. वर्धा के सेवाग्राम की तर्ज पर नवा रायपुर में भी गतिविधि संचालित हो इसलिए नए सेंटर की घोषणा की गई थी. सदन में की गई घोषणा है, बजट में प्रावधान के तहत काम हो रहा है. अध्ययन के बाद वर्तमान सरकार ने भी इसे आगे बढ़ाया है. राज्य सरकार ने काम को रोका नहीं है. यही ध्यान दिलाने के लिए मैं खड़ा हुआ था. मगर अजय चंद्राकर के सवाल पर कोई दूसरा खड़ा हो जाए यह उसे बर्दाश्त नहीं होता है.
CG Monsoon Session Live: मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने किया वॉक आउट
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने फिर सवाल उठाया कि जिन लोगों को इस प्रक्रिया का लाभ मिलने वाला था, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि एक साल बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.
CG Monsoon Session Live: सदन में उठा फर्जी ग्रामसभा का मुद्दा, विपक्ष ने किया वॉक आउट
मानसून सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अल्दा गांव में कथित फर्जी ग्रामसभा के आधार पर उद्योग स्थापना का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी ग्रामसभा के जरिए उद्योग के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और दोषियों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
मामले पर जवाब देते हुए उद्योग मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि जांच में ग्रामसभा के प्रस्ताव से जुड़ी अनियमितताओं की जानकारी सामने आई है. इसके बाद मामले की जांच कराई गई और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. फिलहाल मामले की विवेचना जारी है.
इस पर भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल किया कि ग्राम पंचायत का पंजीयन रजिस्टर सचिव के पास रहता है, ऐसे में एफआईआर अज्ञात के खिलाफ क्यों दर्ज की गई। उन्होंने पूछा कि सरपंच और सचिव को क्यों बचाया जा रहा है.
जवाब में मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित ग्राम पंचायत की ओर से जवाब प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक जमीन का आवंटन नहीं किया जाएगा.
CG Monsoon Session Live: विधानसभा में उर्वरक आवंटन का मुद्दा गूंजा, कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल में उर्वरक आवंटन का मुद्दा प्रमुखता से उठा. कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य से अधिक खाद आवंटित किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की।
विधायक दलेश्वर साहू ने कहा कि कई स्थानों पर तय लक्ष्य के विपरीत अधिक मात्रा में उर्वरक का वितरण किया गया है, जिससे आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
इस पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि प्रदेश में कुल 14 लाख 6 हजार 555 मीट्रिक टन उर्वरक का आवंटन किया गया है. उन्होंने कहा कि इसमें 64 प्रतिशत उर्वरक सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से तथा 36 प्रतिशत निजी क्षेत्र के जरिए किसानों को उपलब्ध कराया गया है. हालांकि, विधायक दलेश्वर साहू अपने जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे और लक्ष्य से अधिक उर्वरक आवंटन के मामले की जांच कराने की मांग पर अड़े रहे.
CG Monsoon Session Live: विधानसभा में गूंजा मछलीपालन पट्टों का मुद्दा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मछलीपालन पट्टों के आवंटन का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाम्हनीडीह और बलौदा क्षेत्र में मछलीपालन पट्टों के आवंटन में अनियमितताएं हुई हैं.
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि जिन मछुआरा समाज के लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, उन्हें पट्टे नहीं दिए गए. उन्होंने कहा कि “हम अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। मछुआरा सहकारी समितियों को छोड़कर गैर-मछुआरा समितियों को पट्टे आवंटित किए गए हैं” इस पर जवाब देते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में मछलीपालन नीति-2022 प्रभावी है और उसी के प्रावधानों के तहत पट्टों का आवंटन किया गया है.
CG Monsoon Session Live: चौथे दिन की कार्यवाही शुरू, मछलीपालन पट्टे का मुद्दा सदन में गूंजा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है. कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मछलीपालन पट्टे का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया. विधायक ने मछलीपालन पट्टों के आवंटन और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए जवाब की मांग की। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा शुरू हो गई है.
