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CG News: राशन कार्ड पोर्टल बंद, आयुष्मान कार्ड से लेकर गैस कनेक्शन तक अटके

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CG News:  रायपुर. सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. राशन कार्ड से जुड़े काम ठप होने का असर अब आयुष्मान कार्ड बनवाने पर भी पड़ रहा है.

रायपुर जिले में नए राशन कार्ड बनाने, सदस्यों के नाम जोड़ने और संशोधन से संबंधित 500 से अधिक आवेदन लंबित हैं. खाद्य विभाग का पुराना पोर्टल बंद हो चुका है, जबकि नया स्मार्ट पीडीएस पोर्टल अभी तकनीकी जांच के दौर में है. इसके चलते आवेदकों को निगम के जोन कार्यालयों और खाद्य विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. (CG Ration Card Portal Closed)

दूसरी ओर, प्रदेश में नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन के लिए भी उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है. करीब सात महीने से नए कनेक्शन जारी नहीं होने के कारण दो लाख से अधिक आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं. इस बीच तेल कंपनियों की ओर से 10 किलो क्षमता वाले प्रीमियम सिलिंडर का विकल्प दिया जा रहा है, लेकिन इसकी गैस घरेलू सिलिंडर की तुलना में काफी महंगी पड़ती है. ऐसे में एक ओर पात्र लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड अटके हैं, तो दूसरी ओर रसोई गैस के लिए भी उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. (CG Ration Card Portal Closed)

राशन कार्ड में नाम नहीं तो आयुष्मान कार्ड में भी बाधा

राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज नहीं होने के कारण पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने में परेशानी आ रही है. आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित शर्तों के अनुसार पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिलती है. ऐसे में राशन कार्ड में नाम जुड़ने का इंतजार कर रहे परिवारों के सामने इलाज संबंधी सुविधाओं का लाभ लेने में भी बाधा खड़ी हो रही है.

जिले में राशन वितरण का बड़ा नेटवर्क होने के बावजूद नए आवेदकों के काम अटके हुए हैं. यहां कुल 721 राशन दुकानें हैं, जिनमें 299 शहरी और 422 ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हैं. इनके माध्यम से करीब 6.63 लाख राशन कार्डधारियों को हर महीने खाद्यान्न वितरित किया जाता है.

नया पोर्टल शुरू होने का इंतजार

खाद्य विभाग का पुराना पोर्टल बंद होने के बाद नया स्मार्ट पीडीएस पोर्टल शुरू नहीं हो सका है. फिलहाल इसकी तकनीकी जांच की जा रही है. इसके कारण नए राशन कार्ड बनाने, परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने और कार्ड में संशोधन जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं.

जिला नियंत्रक खाद्य विभाग भूपेंद्र मिश्रा के अनुसार, नए स्मार्ट पीडीएस पोर्टल को शुरू करने की तैयारी चल रही है. तकनीकी जांच पूरी होने के बाद इसके माध्यम से नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने सहित राशन कार्ड से जुड़े अन्य काम भी ऑनलाइन किए जा सकेंगे. उन्होंने बताया कि नए गैस कनेक्शन पर केंद्र सरकार ने रोक लगा रखी है.

पांच हजार रुपये में प्रीमियम गैस कनेक्शन

प्रदेश में दो लाख से अधिक नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन के आवेदन लंबित होने के बीच 10 किलो क्षमता वाला प्रीमियम फाइबर सिलिंडर विकल्प के रूप में सामने आया है. इसकी कीमत और कनेक्शन की शुरुआती लागत सामान्य घरेलू सिलिंडर की तुलना में अधिक है.

प्रीमियम कनेक्शन के लिए करीब पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं. इसमें लगभग 2500 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट और करीब 1200 रुपये जीएसटी, पाइप, रेगुलेटर व प्रशासनिक शुल्क सहित अन्य खर्च बताए गए हैं. कंपनी के अनुसार, फाइबर सिलिंडर हल्का होता है और पारदर्शी होने के कारण उसमें गैस का स्तर भी दिखाई देता है. बुकिंग के चार घंटे के भीतर डिलीवरी का दावा भी किया जा रहा है.

घरेलू गैस के मुकाबले दोगुने से ज्यादा कीमत

प्रीमियम सिलिंडर में गैस की कीमत करीब 166 रुपये प्रति किलो बताई गई है, जिस पर सब्सिडी नहीं मिलती. इसके मुकाबले 14.5 किलो के घरेलू सिलिंडर की रिफिल कीमत करीब 1024 रुपये है. सब्सिडी को शामिल करने पर घरेलू गैस की प्रभावी कीमत करीब 71 रुपये प्रति किलो बताई गई है. इस तरह प्रीमियम सिलिंडर की गैस सामान्य घरेलू गैस से काफी महंगी पड़ती है.

बीपीसीएल डिस्ट्रीब्यूटर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मुरारी गौर के अनुसार, प्रीमियम सिलिंडर की शुरुआत के साथ नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं. हालांकि, सामान्य घरेलू कनेक्शन कब से नियमित रूप से जारी होंगे, इसकी समय सीमा स्पष्ट नहीं है.

लंबित आवेदनों के निराकरण की मांग

राशन कार्ड पोर्टल शुरू नहीं होने और घरेलू गैस कनेक्शन के इंतजार से लोगों की परेशानी बढ़ रही है. आवेदकों की मांग है कि स्मार्ट पीडीएस पोर्टल जल्द शुरू किया जाए, ताकि लंबित आवेदनों का निराकरण हो सके और पात्र परिवारों को राशन कार्ड तथा आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल सके. वहीं, घरेलू गैस कनेक्शन की नियमित व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की जा रही है.

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